Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पनीर के बैक्टीरिया पेट की सेहत के लिए वरदान दिल्ली पेलेट गन मामले में पहली FIR दर्ज: राहुल गांधी के 8 घंटे धरने के बाद BNS 118 व 125 में केस एक शब्द का गलत प्रयोग और मोदी की परेशानी पेलेट गन मामले में FIR की मांग पर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे राहुल गांधी, BJP का पलटवार मसूरी-कैंपटी रोड पर भूस्खलन का कहर: सांझा दरबार के पास मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: 2,011 फैक्ट्रियों की जांच, 33 पर क्लोजर ऑर्डर और 44 पर लगा भारी जु... 'प्रति व्यक्ति आय में भारत बांग्लादेश से भी पिछड़ा': अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला 26/11 मुंबई हमला: हाफिज सईद और लखवी समेत 6 भगोड़ों पर चलेगा इन-एब्सेंटिया ट्रायल, MHA ने इंटरपोल से ... दिमागी नक्सल का वायरस कोलकाता भी आ पहुंचा सहारनपुर में व्यक्ति की चोटी काटकर की मारपीट: फसल पर चलाया ट्रैक्टर, SSP ऑफिस पहुंचे ब्राह्मण समाज क...

सिजी नदी का मूल बहाव ही भूस्खलन से बंद हो गया

अरुणाचल प्रदेश के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

उत्तर पूर्व संवाददाता

गुवाहाटीः अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में एक बड़ी प्राकृतिक आपदा का खतरा मंडरा रहा है। सिजी ब्लॉक पॉइंट पर हुए भीषण भूस्खलन के कारण सिजी नदी (जिसे स्थानीय रूप से गाई नदी कहा जाता है) का बहाव पूरी तरह से रुक गया है। इस रुकावट ने नदी के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर आशंका पैदा कर दी है।

भूस्खलन के मलबे ने नदी के चैनल को पूरी तरह से पाट दिया है, जिससे वहां एक अस्थायी प्राकृतिक बांध बन गया है। इस मलबे के पीछे बड़ी मात्रा में पानी जमा हो रहा है। प्रशासन का मानना है कि यह संरचना बेहद अस्थिर है और यदि यह अचानक टूटती है, तो पानी का एक तेज बहाव निचले इलाकों में स्थित रिहायशी क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खतरनाक वीडियो घटनास्थल का एक वीडियो भी सामने आया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। फुटेज में एक मोटरसाइकिल सवार को अपनी जान बचाकर भागते देखा जा सकता है, जो लगभग नदी के तेज बहाव की चपेट में आने ही वाला था। ये दृश्य उस क्षेत्र की अस्थिरता और भूस्खलन के बाद पैदा हुए खतरनाक हालात को बयां कर रहे हैं।

प्रशासन की सख्त चेतावनी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, लोअर सियांग पुलिस ने लिकबली और नदी के किनारे बसे अन्य सभी समुदायों के लिए तत्काल एडवाइजरी जारी की है। इसमें असम के निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है। नदी के किनारों और निचले इलाकों से पूरी तरह दूर रहें। पानी के स्तर में होने वाले किसी भी असामान्य उतार-चढ़ाव पर नजर रखें। यदि स्थिति बिगड़ती है, तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

जिला अधिकारियों ने इस घटना को जीवन और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा बताया है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें, लेकिन जल स्तर में वृद्धि या बांध के कमजोर होने के संकेतों को तुरंत स्थानीय अधिकारियों तक पहुंचाएं। फिलहाल, आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।