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नड्डा के घर जाने से साफ इंकार के बाद दूसरा प्रस्ताव

सुविधानुसार किसी भी समय वार्ता के लिए तैयार

  • नड्डा से यहां दोबारा जाने से साफ इंकार

  • मंत्री ने कहा सरकार का द्वार खुला है

  • किसी तटस्थ स्थान पर हो यह वार्ता

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों और बढ़ते असंतोष के बीच, केंद्र सरकार ने गतिरोध समाप्त करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी और प्रदर्शनकारी छात्रों को औपचारिक बातचीत के लिए एक बार फिर खुला निमंत्रण दिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए जानकारी दी कि बीते दिन दोपहर से लेकर अब तक आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए कुल चार औपचारिक प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं।

उन्होंने एक बड़ी अपील में कहा, हमारे सभी युवा साथियों और छात्र प्रतिनिधियों के लिए यह एक स्थायी निमंत्रण है। सरकार उनकी सुविधा अनुसार, किसी भी समय और किसी भी स्थान पर सभी संबंधित मुद्दों पर खुली व पारदर्शी चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संभावित वार्ता प्रक्रिया में उनके साथ उनके सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे।

हालाँकि, दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच जगह को लेकर बना विवाद बरकरार है। इससे पहले जे.पी. नड्डा से हुई मुलाकात के बाद आई उनकी प्रतिक्रिया और रवैये से आंदोलनकारी छात्र अत्यधिक आक्रोशित हैं। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी समूहों ने जे.पी. नड्डा के निजी आवास या कार्यालय में दोबारा जाकर बातचीत करने के सरकारी प्रस्ताव को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि वार्ता केवल जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) परिसर, जंतर-मंतर या किसी अन्य तटस्थ एवं निष्पक्ष स्थल पर ही आयोजित की जानी चाहिए। छात्रों का मानना है कि तटस्थ स्थान पर ही वार्ता की निष्पक्षता बनी रह सकती है।

फिलहाल, जहाँ एक तरफ सरकार बातचीत का दरवाजा खुला रखकर समाधान निकालने की कोशिश का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी निष्पक्ष मंच की मांग पर अड़े हुए हैं। ऐसे में अब देखना यह होगा कि दोनों पक्षों के बीच यह गतिरोध कब तक समाप्त होता है और औपचारिक वार्ता किस स्थान पर शुरू हो पाती है।