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रायपुर: नकटी गांव में ‘विधायक कॉलोनी’ के लिए चला बुलडोजर, बारिश में बेघर हुए 80 से ज्यादा परिवार

रायपुर: राजधानी रायपुर के नकटी गांव में सोमवार का दिन सैकड़ों परिवारों के लिए कयामत बनकर आया। ‘विधायक कॉलोनी’ के निर्माण हेतु प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक पक्के मकानों को जमींदोज कर दिया। सुबह से ही गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था और भारी विरोध के बावजूद बुलडोजर ने देखते ही देखते लोगों की जीवनभर की कमाई मलबे में बदल दी।

⚖️ बुलडोजर बनाम बेबसी: संघर्ष और आंसू

कार्रवाई के दौरान नकटी गांव में अफरा-तफरी का माहौल था। प्रशासन की 20 से 25 जेसीबी मशीनों के आगे ग्रामीण अपने घरों को बचाने के लिए डट गए, लेकिन भारी पुलिस बल के सामने उनकी एक न चली। मलबे के ढेर पर बैठा मासूम बच्चा और सीने से बच्चों को लगाकर बिलखती महिलाएं विकास की इस विद्रूप तस्वीर को बयां कर रही थीं। बारिश के मौसम में सिर से छत छिन जाने के बाद पूरा सामान सड़क किनारे पड़ा है।

📉 भरोसे के टूटने का आक्रोश

ग्रामीणों के गुस्से की एक बड़ी वजह यह है कि मात्र दो दिन पहले ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आश्वासन दिया था कि बारिश के दौरान मकान नहीं तोड़े जाएंगे। अचानक हुई इस कार्रवाई ने ग्रामीणों के भरोसे को तोड़ दिया है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कॉलोनी बनानी ही थी, तो नया रायपुर में खाली जमीन का उपयोग किया जा सकता था, न कि बसी-बसाई बस्ती उजाड़कर।

🏘️ प्रशासन और सरकार का पक्ष

प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है। लगभग 75 परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित EWS आवासों में स्थानांतरित करने की योजना है। मंत्री केदार कश्यप ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि सरकार किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगी।