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Mithun Sankranti 2026: 15 जून को बन रहा है अद्भुत महासंयोग; बुधादित्य राजयोग से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

धार्मिक डेस्क: जून 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। 15 जून 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास की सोमवती अमावस्या और सूर्य की ‘मिथुन संक्रांति’ का अद्भुत मिलन हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य अपनी राशि बदलकर मिथुन में प्रवेश करेंगे, जिससे बुध के साथ मिलकर ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण होगा। यह संयोग धार्मिक और आर्थिक दृष्टिकोण से कई लोगों के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगा।

🗓️ मिथुन संक्रांति 2026: पूजा और पुण्य काल का शुभ समय

  • संक्रांति का क्षण: दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर।

  • पुण्य काल: दोपहर 12:59 से शाम 07:20 बजे तक।

  • महा पुण्य काल: दोपहर 12:59 से 03:19 बजे तक।

🙏 सोमवती अमावस्या और अधिकमास का महत्व

हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को पितरों की शांति, तर्पण और दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। चूंकि यह अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में पड़ रही है, इसलिए भगवान विष्णु की पूजा और दान-धर्म का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पीपल के वृक्ष की पूजा करना विशेष फलदायी है।

💰 इन 3 राशियों पर बरसेगी लक्ष्मी की कृपा!

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुधादित्य राजयोग का सर्वाधिक लाभ इन राशियों को मिलेगा:

  • मेष राशि: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आय के नए स्रोत विकसित होंगे।

  • सिंह राशि: करियर में प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे। मान-सम्मान बढ़ेगा और निवेश से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

  • कन्या राशि: नौकरी और व्यापार में उन्नति के प्रबल योग हैं। लंबे समय से अटके काम पूर्ण होंगे और आर्थिक बचत में सफलता मिलेगी।