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Punjab Ghallughara Diwas: पंजाब में ‘घल्लूघारा दिवस’ से पहले जालंधर में नया विवाद; हिंदू नेता के कार्यक्रम का विरोध

पंजाब में 6 जून को मनाए जाने वाले ऐतिहासिक ‘घल्लूघारा दिवस’ (ऑपरेशन ब्लू स्टार की वर्षगांठ) से ठीक पहले एक नया और बेहद पेचीदा विवाद खड़ा हो गया है. प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जालंधर में एक हिंदू संगठन के नेता ने आगामी 6 जून को देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को समर्पित एक श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने की सार्वजनिक घोषणा की है. इस प्रस्तावित कार्यक्रम के सामने आने के बाद से ही पंजाब के कुछ प्रमुख सिख संगठनों और समुदाय से जुड़े लोगों में गहरी नाराजगी और भारी रोष देखा जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, जालंधर के हिंदू नेता योगेश सूरी ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर 6 जून को दोपहर 12 बजे शहर के व्यस्त इलाके सैंट्रल टाऊन स्थित गोल मार्कीट में इस श्रद्धांजलि समारोह का ऐलान किया है, जिसने शहर के सियासी और सामाजिक तापमान को बढ़ा दिया है.

📱 सोशल मीडिया पर सिंह परवाना राजपुरा का वीडियो वायरल: प्रस्तावित कार्यक्रम का किया कड़ा विरोध, सिखों से की एकजुट होने की अपील

इस पूरे घटनाक्रम के बीच टकसाली सिंह परवाना राजपुरा का एक नया वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से सामने आया है, जिसमें उन्होंने जालंधर में होने वाले इस प्रस्तावित कार्यक्रम का कड़ा विरोध करते हुए बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की है. वायरल वीडियो में उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जालंधर में भी एक नया सूरी पैदा हो गया है, जो जानबूझकर माहौल बिगाड़ने के लिए 6 जून के ऐतिहासिक दिन ही इस कार्यक्रम को आयोजित करने जा रहा है. उन्होंने इसके साथ ही जालंधर और आसपास के पूरे सिख समुदाय से इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत एकजुट होने की पुरजोर अपील की है.

⚠️ अमृतसर के सूरी मामले का दिया हवाला: आयोजक को दी सीधे चेतावनी, कहा—’नहीं रोका कार्यक्रम तो परिणाम भुगतने होंगे’

वायरल वीडियो में संबंधित सिख नेता ने कार्यक्रम के मुख्य आयोजक योगेश सूरी पर सीधा निशाना साधते हुए अतीत में हुए अमृतसर के सुप्रसिद्ध सूरी मामले से जोड़कर गंभीर टिप्पणी की है और खुले तौर पर चेतावनी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने वीडियो संदेश में साफ तौर पर कहा कि यदि प्रशासन या स्थानीय लोगों द्वारा इस कार्यक्रम को समय रहते नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी. इसके साथ ही उन्होंने जालंधर के सिखों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि वे अपने स्तर पर इस कार्यक्रम को रुकवाने में असमर्थ हैं, तो उन्हें आगे आने का मौका दिया जाए.

👮 6 जून को लेकर पंजाब पुलिस और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर: सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, सोशल मीडिया पर पैनी नजर

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1984 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुए सैन्य ऑपरेशन (ऑपरेशन ब्लू स्टार) की घटनाओं की स्मृति में पंजाब भर में हर वर्ष 6 जून को कई सिख संगठन और दल अत्यंत भावुक माहौल में ‘घल्लूघारा दिवस’ मनाते हैं. ऐसे में ठीक उसी दिन और उसी समय पर शहर के बीचों-बीच प्रस्तावित इस श्रद्धांजलि समारोह को लेकर जालंधर और आसपास के जिलों का माहौल बेहद संवेदनशील बनता दिखाई दे रहा है. किसी भी संभावित टकराव या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पंजाब पुलिस और खुफिया विंग (Intelligence Wing) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है.