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DK Shivakumar First Decisions: कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार का बड़ा धमाका; बेंगलुरु की सड़कों के लिए 2000 करोड़ का बजट

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पदभार संभालते ही बेंगलुरु की खराब सड़कों और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने बेंगलुरु की बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए पहले ही फैसले में 2,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। बेंगलुरु, जिसे ‘आईटी राजधानी’ कहा जाता है, वहां की सड़कों में सुधार अब सरकार की पहली प्राथमिकता होगी।

🏠 अनऑथराइज्ड मकानों को मिलेगी राहत

बेंगलुरु में नियमों को ताक पर रखकर या बिना सही प्लानिंग के बने मकानों के लिए सरकार नई योजना ला रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उचित योजना के अभाव में बने मकानों को अब बिजली और पानी के कनेक्शन मिलेंगे। सरकार 30 से 40 साइटों के लिए ‘कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ (CC/OC) जारी करेगी। इसके अलावा, 2,500 वर्ग फुट तक की संपत्तियों के लिए एक ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) स्कीम लाई जा रही है, जिससे अनऑथराइज्ड मकानों को नियमित किया जा सके।

💼 युवाओं के लिए 50,000 पदों का सृजन

मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं के लिए रोजगार का पिटारा खोल दिया है। उन्होंने घोषणा की कि सरकार राज्य में 50,000 पदों को भरने का प्रयास करेगी, जिसका कैलेंडर और अधिसूचना अगली कैबिनेट बैठक तक जारी की जाएगी। इसके साथ ही, निजी क्षेत्र में नौकरी चाहने वाले युवाओं के लिए ‘निजी रोजगार विनिमय कार्यक्रम’ शुरू किया जाएगा। इसमें युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित (Train) किया जाएगा और उन्हें नौकरी दिलाने में सहायता की जाएगी। साथ ही, छात्रों को मुफ्त बस पास देने की सुविधा भी दी जाएगी।

🚩 ‘भारत जोड़ो युवक संघ’ की अनूठी पहल

डी.के. शिवकुमार ने एक और महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है, जिसका नाम है ‘भारत जोड़ो युवक संघ’। राज्य भर में ऐसे 10,000 क्लब शुरू किए जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार प्रति क्लब 10 लाख रुपये की सहायता देगी। इन क्लबों का उद्देश्य युवाओं को खेल, संस्कृति और इतिहास से जोड़ना और उनमें नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) विकसित करना है।

संपादकीय टिप्पणी: इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के ये कदम कर्नाटक के विकास को नई दिशा दे सकते हैं। क्या आपको लगता है कि अनऑथराइज्ड मकानों के नियमन से बेंगलुरु में बढ़ते अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी? अपने विचार नीचे साझा करें।