सीयूईटी में तकनीकी खराबी के बाद आप प्रमुख ने निशाना साधा
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कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं
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हर बार मामले की लीपापोती होती है
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इन सभी की जिम्मेदारी पीएम की है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर निशाना साधा। कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (सीयूईटी-यूजी) 2026 में हुई तकनीकी खराबी और उसके कारण पैदा हुई अफरा-तफरी को आधार बनाते हुए केजरीवाल ने कहा, देश को एक शिक्षित प्रधानमंत्री की जरूरत है।
सीयूईटी परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने स्वीकार किया कि उसके तकनीकी पार्टनर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा में देरी हुई। इस वजह से कई राज्यों के केंद्रों पर सुबह की पाली की परीक्षा दो घंटे तक बाधित रही। छात्रों को हुई असुविधा को देखते हुए एनटीए को दोपहर की पाली के समय में बदलाव करना पड़ा, जिसे रिपोर्टिंग के लिए 2:30 बजे और परीक्षा शुरू होने के लिए शाम 4 बजे का समय निर्धारित किया गया। एनटीए ने इस असुविधा के लिए छात्रों और अभिभावकों से खेद व्यक्त किया है।
यह घटना देश में हालिया समय में हुई परीक्षा विवादों की एक लंबी कड़ी में नवीनतम है। इससे पहले नीट यूजी 2026 में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी, जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है और पुन: परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है। इसके अलावा, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की जीडी कॉन्स्टेबल परीक्षा 2026 भी सर्वर क्रैश और नकल गिरोह के भंडाफोड़ जैसे विवादों से जूझती रही है।
केजरीवाल के अलावा, आप नेता आतिशी ने भी इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरा। आतिशी ने एक्स पर लिखा, पहले नीट, फिर सीबीएसई, अब सीयूईटी। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार की कुप्रबंधन वाली नीतियों के कारण देश की पूरी शिक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रिया चरमरा गई है। परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था और तकनीकी खामियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता के दौर में डाल दिया है, जिससे सरकार के प्रति छात्रों और राजनीतिक दलों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।