असम में मवेशी चोरी के शक में तिनसुकिया में हिंसक भीड़
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मणिपुर में नाकेबंदी से सैकड़ों ट्रक फंसे
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अगवा हुए आदिवासियों की तलाश जारी
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सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान में ढील नहीं
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः असम के तिनसुकिया जिले के बोरहापजन इलाके में मवेशी चोरी की लगातार घटनाओं से आक्रोशित भीड़ ने दो संदिग्ध गाड़ियों (एक ऑल्टो कार और एक टाटा मैजिक) को आग के हवाले कर दिया। चाय बागान इलाके में ग्रामीणों ने मवेशी ले जा रही गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवरों ने भागने की कोशिश की और बाद में गाड़ियां छोड़कर फरार हो गए। डूमडूमा पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी के बावजूद गुस्साई भीड़ ने गाड़ियों में आग लगा दी। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
असम के उत्तरी और ऊपरी हिस्सों में नाबालिग लड़कियों के लगातार गायब होने से मानव तस्करी का खतरा गहरा गया है। हाल ही में लखीमपुर से 12वीं की छात्रा मौसमी पेगु, धेमाजी से 10वीं की छात्राएं ममता सिंह और निकिता सिंह, तथा बिश्वनाथ जिले से हॉस्टल जा रही 12वीं की छात्रा रिंकुमोनी दास संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। इन घटनाओं ने स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने और मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी है।
मणिपुर में नागा और कुकी सामाजिक संगठनों द्वारा लगाए गए बंद और आर्थिक नाकेबंदी के कारण राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की भारी किल्लत हो गई है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-102 और इंफाल-सिलचर रूट पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी से लदे करीब 700 टैंकर व ट्रक फंसे हुए हैं। इस बीच, केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने नागा और कुकी समुदाय के अगवा किए गए 20 आदिवासियों की सुरक्षित रिहाई के लिए एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। संदिग्ध बागी तत्वों पर नजर रखने के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 115 नाके और चेकपॉइंट स्थापित किए गए हैं।
इस बीच असम के प्रसिद्ध मानस नेशनल पार्क में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब बांसबाड़ी फॉरेस्ट रेंज में सफारी के दौरान एक गैंडे ने पर्यटक वाहन पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना से वाहन में सवार पर्यटकों और वन विभाग के कर्मचारियों में दहशत फैल गई। सूत्रों के अनुसार, सफारी के दौरान गैंडा अचानक जंगल से निकलकर वाहन के बेहद करीब आ गया और बिना किसी चेतावनी के उस पर कई बार जोरदार हमला किया। हमले की तीव्रता इतनी थी कि कुछ क्षणों के लिए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी पर्यटक या वनकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मानस नेशनल पार्क 25 जून से आगामी आदेश तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा।