प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत की ‘Trade, Technology and Talent’ रणनीति का अहम हिस्सा बताया है। दौरे में ऊर्जा सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन टेक्नोलॉजी, AI, रक्षा सहयोग और सप्लाई चेन पर विशेष फोकस रहेगा। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत ने हाल ही में India-EU FTA को अंतिम रूप दिया है और यूरोप के साथ आर्थिक व रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।
🛢️ UAE से शुरुआत: ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर होगी अहम चर्चा
प्रधानमंत्री अपने दौरे की शुरुआत 15 मई को UAE से करेंगे जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से होगी। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि ऊर्जा सुरक्षा बातचीत का केंद्रीय विषय होगी। UAE फिलहाल भारत की करीब 11% कच्चे तेल की जरूरत पूरी करता है जबकि LPG सप्लाई में उसकी हिस्सेदारी लगभग 40% है। भारत और UAE के बीच ‘Strategic Defence Partnership Framework’ और IMEC कॉरिडोर को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ेगी।
💻 नीदरलैंड्स और स्वीडन: सेमीकंडक्टर और हाई-टेक साझेदारी की नई राह
15 से 17 मई तक प्रधानमंत्री नीदरलैंड्स में रहेंगे जहां सेमीकंडक्टर और डिजिटल टेक्नोलॉजी सहयोग पर विशेष ध्यान रहेगा। ASML जैसी वैश्विक चिप कंपनी के साथ संभावित सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद प्रधानमंत्री स्वीडन जाएंगे जहां AI, ग्रीन ट्रांजिशन और स्पेस सेक्टर पर बातचीत होगी। स्वीडिश कंपनी Saab की हरियाणा में स्थापित Carl-Gustaf मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को विदेश मंत्रालय ने ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी उपलब्धि बताया है।
🌊 नॉर्वे में ‘ब्लू इकोनॉमी’ पर जोर: 43 साल बाद होगा किसी भारतीय पीएम का दौरा
प्रधानमंत्री 18 मई को नॉर्वे पहुंचेंगे। 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा होगी। यहां Blue Economy, Carbon Capture, Offshore Wind और Arctic Research जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। ओस्लो में 19 मई को तीसरा ‘India-Nordic Summit’ भी आयोजित होगा, जिसमें नॉर्डिक देशों के नेता शामिल होंगे। ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन टेक्नोलॉजी पर बड़े फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।
🇮🇹 इटली दौरा: रक्षा उत्पादन और समुद्री सुरक्षा के लिए साझा एक्शन प्लान
यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री इटली जाएंगे जहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात होगी। भारत-इटली ‘Joint Strategic Action Plan 2025-2029’ के तहत रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और हाई टेक्नोलॉजी सहयोग पर बातचीत होगी। प्रधानमंत्री रोम स्थित FAO मुख्यालय भी जाएंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।