जेलेंस्की के पूर्व सहयोगी एंडी यरमक पर आरोप
एजेंसियां
कीवः यूक्रेन की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब वहां की भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसियों ने राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के पूर्व शक्तिशाली चीफ ऑफ स्टाफ, एंड्री यरमक को एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में संदिग्ध के रूप में नामित किया। यह घटनाक्रम ऐसे संवेदनशील समय पर आया है जब यूक्रेन रूस के साथ युद्ध की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। यह मामला न केवल राष्ट्रपति कार्यालय की साख पर सवाल उठाता है, बल्कि युद्ध के दौरान आंतरिक प्रशासन की पारदर्शिता पर भी दबाव बढ़ाता है।
यूक्रेनी भ्रष्टाचार रोधी एजेंसियों के आधिकारिक बयान के अनुसार, पूर्व शीर्ष सलाहकार पर एक ऐसे आपराधिक समूह का हिस्सा होने का संदेह है, जिसने राजधानी कीव के बाहरी इलाके में स्थित एक एलीट हाउसिंग डेवलपमेंट (आलीशान आवासीय परियोजना) के माध्यम से लगभग 10.5 मिलियन डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की है। हालांकि कानूनी कारणों से एजेंसियों ने सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन स्थानीय मीडिया ने उनकी पहचान स्पष्ट रूप से यरमक के रूप में की है। दूसरी ओर, रेडियो लिबर्टी से बात करते हुए यरमक ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि उस परियोजना में उनकी कोई संपत्ति नहीं है।
एंड्री यरमक को यूक्रेन का दूसरा सबसे शक्तिशाली व्यक्ति माना जाता था। राष्ट्रपति के दाहिने हाथ के रूप में, वे न केवल घरेलू राजनीति में प्रभाव रखते थे, बल्कि रूस के साथ अमेरिका समर्थित शांति वार्ताओं में कीव के मुख्य वार्ताकार भी थे। पूर्व फिल्म निर्माता और मनोरंजन वकील रहे यरमक अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में ज़ेलेंस्की के साथ दिखाई देते थे। पिछले साल जब भ्रष्टाचार की जांच ने सार्वजनिक गुस्से को भड़काया, तब उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
यह मामला उस व्यापक जांच का हिस्सा है जो पिछले साल नवंबर में शुरू हुई थी। उस समय ज़ेलेंस्की के एक पूर्व व्यापारिक साझेदार पर राज्य परमाणु एजेंसी में 100 मिलियन डॉलर के रिश्वत घोटाले का आरोप लगा था। इस जांच के दायरे में एक पूर्व उप प्रधानमंत्री और ज़ेलेंस्की के कई करीबी सहयोगी भी आ चुके हैं।
राष्ट्रपति के संचार सलाहकार, दिमित्रो लिट्विन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रक्रियात्मक कार्रवाई जारी है, इसलिए अभी कोई औपचारिक टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। यह पूरा घटनाक्रम सरकार के उन प्रयासों को झटका दे सकता है जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार मिटाकर जनता और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का विश्वास बहाल करना है।