एक पन्ने के नये प्रस्ताव में चौदह मुद्दों की चर्चा
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ईरान के विदेश मंत्रालय की पुष्टि
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परमाणु संवर्धन का मुद्दा भी शामिल
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हॉर्मुज पर दोनों पक्षों की सहमति
एजेंसियां
इस्लामाबादः ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि वह वर्तमान में वाशिंगटन द्वारा प्रस्तुत 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव का गहन मूल्यांकन कर रहा है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करना और खाड़ी देशों में स्थिरता बहाल करना है। पाकिस्तानी स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान एक समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इस संभावित समझौते को एक पन्ने के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के रूप में तैयार किया गया है, जो शत्रुता को रोकने और भविष्य की व्यापक वार्ताओं के लिए आधार तैयार करेगा।
अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस ने दावा किया है कि इस 14-सूत्रीय ढांचे पर बातचीत अंतिम चरण में है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को अगले 48 घंटों के भीतर कई प्रमुख बिंदुओं पर ईरान की प्रतिक्रिया की उम्मीद है। हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय और व्हाइट हाउस ने फिलहाल आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया है।
इस प्रस्तावित समझौते के कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण प्रावधान इस प्रकार हैं। ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध होगा। बदले में, संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और उसके फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के फंड को मुक्त करने पर सहमत होगा। दोनों पक्ष स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के माध्यम से पारगमन पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार करेंगे।
बताया जा रहा है कि इस गुप्त वार्ता का नेतृत्व अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर कर रहे हैं, जो ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे और मध्यस्थों के जरिए संपर्क में हैं। यह समझौता प्रभावी होने पर क्षेत्र में युद्ध की समाप्ति की घोषणा करेगा और इसके बाद 30 दिनों की गहन बातचीत का दौर शुरू होगा। इस अवधि के दौरान नौसैनिक नाकेबंदी को धीरे-धीरे हटाया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि वार्ता विफल होती है, तो अमेरिकी सेना नाकेबंदी बहाल करने या सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए स्वतंत्र होगी।