पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी ने ताकत दिखाई
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया है। 117 सदस्यीय विधानसभा में आप के पास 94 विधायकों का स्पष्ट बहुमत है, जबकि विपक्ष में कांग्रेस के 16, शिरोमणि अकाली दल के 3, भाजपा के 2 और बसपा का 1 विधायक शामिल है।
यह विश्वास मत ऐसे समय में आया है जब 24 अप्रैल को आप को एक बड़ा झटका लगा था। पार्टी के 10 राज्यसभा सदस्यों में से 7 (जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और हरभजन सिंह शामिल हैं) ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद से ही पंजाब में सरकार गिरने और विधायकों के टूटने की अफवाहें जोरों पर थीं।
सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, आज उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है जो कह रहे थे कि आप के 40 या 65 विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। विपक्षी दल जनता के बीच भ्रम पैदा करने के लिए नकारात्मक खबरें फैला रहे थे।
1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के श्रमिकों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का एलान किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि महंगाई के इस दौर में यह कदम लाखों परिवारों को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। गौरतलब है कि पंजाब में 2013 के बाद पहली बार श्रमिकों की मजदूरी में इस तरह की वृद्धि की गई है।
इस बीच विश्वास मत के दौरान सदन में भारी हंगामा भी देखने को मिला। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री और सभी विधायकों के अल्को-मीटर और डोपे टेस्ट कराने की मांग की। वहीं, हाल ही में छोड़कर भाजपा में शामिल हुईं सांसद स्वाति मालीवाल ने भी मुख्यमंत्री मान के संबोधन का एक वीडियो साझा करते हुए उन पर निशाना साधा। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री का अल्कोहल टेस्ट होना चाहिए और दोषी पाए जाने पर उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए।