Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नई सामग्री से सूरज की रोशनी से पराबैगनी प्रकाश, देखें वीडियो Banmankhi Junction News: उद्घाटन से पहले ही टपकी अमृत भारत स्टेशन की छत; 21.5 करोड़ के निर्माण की खु... Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में बड़ा अपडेट; आरोपियों के घर से हुई ज्वेलरी और कैश की रिकवर... Maharashtra Monsoon Session: विधानसभा में गूंजा पेपर लीक का मुद्दा; विपक्ष का बड़ा हमला, सरकार पर उठा... Ayatollah Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर का 4 जुलाई को होगा अंतिम संस्कार; भारत भ... Ram Mandir Donation Scam: 'चढ़ावा चोरों' का सामाजिक बहिष्कार शुरू; अयोध्या बार एसोसिएशन ने केस लड़ने ... Himachal Pradesh Model Panchayat: टिहरी पंचायत का बड़ा फैसला; पशु क्रूरता पर जुर्माना और पर्यावरण संर... West Bengal UCC Update: पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी; ड्राफ्ट कमेटी का ह... Noida School Timing Changed: भीषण गर्मी के चलते नोएडा-ग्रेटर नोएडा के स्कूलों का समय बदला; अब इस समय... Ram Mandir CEO Controversy: राम मंदिर प्रशासन में CEO नियुक्ति का संत समाज ने किया विरोध; 'सरकारी हस...

नरकंकाल लेकर बैंक पहुंचा तो सरकार भी गंभीर हुई

आदिवासी को बैंक ने उसका पैसा लौटाया

  • अपनी बहन के अवशेष लेकर आया था

  • मीडिया में इसकी तस्वीर वायरल हुई

  • बैंक ने डेथ सर्टिफिकेट की मांग की थी

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा के क्योंझर जिले में एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा अपनी मृत बहन के अवशेषों को बैंक ले जाने की हृदयविदारक घटना के बाद, राज्य प्रशासन ने मंगलवार (28 अप्रैल, 2026) को असाधारण तत्परता दिखाते हुए सभी औपचारिकताएं पूरी कीं और बैंक खाते में जमा राशि का भुगतान वारिसों को कर दिया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब सोशल मीडिया पर उस व्यक्ति की विचलित करने वाली तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसमें वह अपनी बहन का कंकाल कंधे पर लादकर सड़क पर चलता नजर आ रहा था।

पटना ब्लॉक के विकास अधिकारी मानस दंडपट ने बताया कि प्रशासन ने मंगलवार सुबह ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद स्थानीय तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक के माध्यम से परिवार के विवरण का सत्यापन किया और तत्काल कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी किया। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक अधिकारियों ने खाते में जमा 19,300 रुपये की राशि परिवार के सदस्यों को सौंप दी। यह भुगतान उसी दिन किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक आक्रोश के बाद प्रशासन ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

घटना क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक के दियाननाली गांव की है। जीतू मुंडा नामक व्यक्ति अपनी बहन कलारा मुंडा के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपासी शाखा में गया था। कलारा मुंडा की मृत्यु दो महीने पहले हो चुकी थी। जब बैंक अधिकारियों ने मृतक के खाते से पैसे निकालने के लिए आवश्यक दस्तावेज (जैसे मृत्यु प्रमाण पत्र) मांगे, तो बैंकिंग प्रक्रियाओं से अनभिज्ञ जीतू मुंडा ने अपनी बहन के दफन स्थल को खोदकर कंकाल बाहर निकाला और उसे लेकर करीब 2.5 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंच गया।

अधिकारियों के अनुसार, खाते में जमा राशि पशुओं की बिक्री से प्राप्त हुई थी। जीतू मुंडा का दावा था कि उसने बहन की मृत्यु से पहले भी पैसे निकालने का प्रयास किया था, लेकिन तब किन्हीं कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी।

इंडियन ओवरसीज बैंक (जो इस क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक का प्रायोजक है) ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि जीतू मुंडा पहली बार शाखा में आए थे और अपनी बहन के खाते से पैसे निकालने की मांग कर रहे थे। बैंक नियमों के अनुसार, बिना उचित अधिकार के तीसरे पक्ष को भुगतान नहीं किया जा सकता। बैंक मैनेजर ने उन्हें समझाया था कि मृत्यु की स्थिति में केवल वैध दस्तावेजों (डेथ सर्टिफिकेट) के आधार पर ही दावा निपटान संभव है।

बैंक ने यह भी दावा किया कि वह व्यक्ति नशे की हालत में था और उसने बैंक के सामने मानवीय अवशेष रखकर हंगामा किया। बैंक का कहना है कि यह घटना केवल बैंकिंग प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता की कमी के कारण हुई और बैंक का इरादा गरीब महिला के खाते में जमा धन की सुरक्षा करना था, न कि किसी को परेशान करना। फिलहाल, क्योंझर जिला प्रशासन ने उन परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है, जिनके कारण जीतू मुंडा को सार्वजनिक रूप से कंकाल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।