तीन बजे तक 78 फीसद का आंकड़ा पार
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वोटिंग प्रारंभ होने से पहले ही भीड़
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महिलाओं की संख्या औसत से ज्यादा
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किसी बड़ी घटना की कोई सूचना नहीं
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान भी किसी समारोह से कम नहीं रहा। दोपहर एक बजे तक औसतन 61 प्रतिशत से अधिक मतदान की खबर आयी थी। लिहाजा माना जा रहा है कि इस चरण की वोटिंग का प्रतिशत भी पिछले चऱण के जैसा हो सकता है। यह गौर करने वाली बात रही कि मतदान प्रारंभ होने से पहले ही अनेक मतदान केंद्रों में सैकड़ों की संख्या में मतदाता कतार लगाकर खड़े हो गये थे। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या अधिक थी, जो एक राजनीतिक इशारा भी देती है।
कोलकाता के चाइनाटाउन में मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। टांगरा स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया था, जहाँ सुबह से ही स्थानीय निवासियों का जमावड़ा शुरू हो गया। सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच ही लगभग 100 से अधिक मतदाता कतारों में अपनी बारी का इंतज़ार करते दिखे। लोग अपने दस्तावेज़ों के साथ धैर्यपूर्वक खड़े थे, जो चुनाव के प्रति उनके उत्साह को दर्शाता है। मतदान अधिकारियों द्वारा पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
मतदाताओं की यह उल्लेखनीय उपस्थिति हाल ही में हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद देखने को मिली है। चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को अपडेट करने के इस अभ्यास के दौरान, दस्तावेज़ों की कमी और सत्यापन संबंधी समस्याओं के कारण राज्य भर में बड़ी संख्या में नाम हटा दिए गए थे, जिससे काफी राजनीतिक और सामाजिक चिंताएँ पैदा हुई थीं।
हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं के बीच, दूसरे चरण में दोपहर 3 बजे तक 3.21 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 78.68 प्रतिशत ने मतदान किया। भवानीपुर सीट पर उस समय तनाव बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी एक ही बूथ क्षेत्र में आमने-सामने आए और एक-दूसरे पर तीखे प्रहार किए। दूसरे चरण को तृणमूल कांग्रेस के लिए अग्निपरीक्षा माना जा रहा है, क्योंकि इस दौर में दक्षिण बंगाल और कोलकाता जैसे पार्टी के गढ़ों में मतदान हो रहा है।
इस चरण में सात जिलों की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिनमें उत्तर 24 परगना (33), दक्षिण 24 परगना (31), नदिया (17), हावड़ा (16), कोलकाता (11), हुगली (18) और पूर्व बर्धमान (16) शामिल हैं। मुख्य उम्मीदवारों में भवानीपुर से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के अलावा फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट), अरूप विश्वास (टॉलीगंज), शशि पांजा (श्यामपुकुर) और ब्रात्य बसु (दमदम) जैसे दिग्गज मंत्री शामिल हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव के लिए तैनात केंद्रीय बल भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं और चुनाव निष्पक्ष नहीं हो रहे हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर के मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में वोट डालने के बाद उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों को डराया जा रहा है। उन्होंने केंद्रीय बलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे अभूतपूर्व अत्याचार करार दिया और कहा कि संवैधानिक कर्तव्यों के बजाय बलों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।