चंद दिनों की चुप्पी के बाद फिर से हुआ पुराना खेल
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः चुनाव आयोग द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल ने विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 93.2 प्रतिशत का ऐतिहासिक मतदान दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वहीं, तमिलनाडु में मामूली संशोधन के बाद अंतिम अनंतिम आंकड़ा 85.1 प्रतिशत पर स्थिर हुआ।
पश्चिम बंगाल के 16 जिलों में 23 अप्रैल को हुए मतदान में कुल 3.6 करोड़ मतदाताओं में से 3.36 करोड़ से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिलावार आंकड़ों में कूचबिहार 96.2 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा, जिसके ठीक बाद दक्षिण दिनाजपुर में 95.4 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
राज्य के अन्य प्रमुख जिलों जैसे मालदा (94.8 प्रतिशत), जलपाईगुड़ी (94.7 प्रतिशत), बीरभूम (94.5 प्रतिशत) और उत्तर दिनाजपुर (94.2 प्रतिशत) में भी 94 प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई। केवल कलिम्पोंग (83 प्रतिशत) और दार्जिलिंग (88.9 प्रतिशत) ऐसे क्षेत्र रहे जहाँ मतदान का आंकड़ा 90 प्रतिशत से नीचे रहा।
दूसरी ओर, तमिलनाडु के मतदान प्रतिशत में 0.05 प्रतिशत अंक की मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे कुल मतों की संख्या 4.87 करोड़ (लगभग 28,672 मतदाताओं के अंतर के साथ) तय हुई। चुनाव आयोग ने 75,064 मतदान केंद्रों की गहन जांच के बाद किसी भी स्थान पर पुनर्मतदान (re-poll) की संभावना से इनकार कर दिया है। तमिलनाडु में करूर जिला 92.6 प्रतिशत मतदान के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि निर्वाचन क्षेत्र के स्तर पर करूर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 93.4 प्रतिशत वोट पड़े। सलेम जिले के वीरपांडी निर्वाचन क्षेत्र में भी 93.4 प्रतिशत का प्रभावशाली मतदान देखा गया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने इन आंकड़ों को लोकतंत्र का उत्सव बताते हुए मतदाताओं की भारी भागीदारी की सराहना की है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना तय है, जबकि सभी राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।