Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्योंगयांग यात्रा डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजना को फिर से बड़ा झटका Hisar Hospital Negligence: मॉर्च्युरी में चूहों ने कुतरा महिला का शव; अस्पताल प्रशासन पर परिजनों का ... Jabalpur Transport News: जबलपुर में ट्रक भाड़ा 25% महंगा; बढ़ती लागत के कारण ट्रांसपोर्ट संघ का बड़ा फ... Khajrana Ganesh Temple: खजराना गणेश मंदिर का नि:शुल्क अन्नक्षेत्र; 40 वर्षों से हर दिन हजारों भक्तों... Jabalpur Crime News: भाजपा महिला नेता संगीता रजक की गोली लगने से मौत; घर के बाहर विवाद के दौरान हुआ ... MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज; भाजपा की तीसरी सीट प... Jabalpur News: बरगी बांध में डूबा 46 वर्षीय व्यक्ति; पत्नी और बेटों के सामने हुई मौत, परिवार में कोह... MP Investment: 'अवसरों की धरती है मध्य प्रदेश'; सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को दिया साझेदारी का खुला ... Shivpuri News: प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी में डी-फार्मा छात्र की संदिग्ध मौत; छत पर फंदे से लटका मिला...

ए.बी. वेंकटेश्वर राव ने कई आईपीएस को नोटिस भेजा

सेवानिवृत्ति के बाद कई अफसरों पर कानूनी कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

अमरावती: सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ए.बी. वेंकटेश्वर राव ने पूर्व पुलिस महानिदेशक डी. गौतम सवांग और आर.पी. ठाकुर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। इन नोटिसों के दायरे में सेवारत आईपीएस अधिकारी रवि शंकर अय्यनार (डीजी, सीआईडी), पी.वी. सुनील कुमार, पी.एस.आर. आंजनेयुलु और के. रघुराम रेड्डी भी शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, सेवानिवृत्त अतिरिक्त एसपी (सीआईडी) आर. विजय पॉल, डीजीपी कार्यालय के सेवानिवृत्त मुख्य लेखा अधिकारी सी. गोविंद राजन, एसीबी के अतिरिक्त एसपी एस. साई कृष्ण, मुख्यमंत्री के पूर्व सीपीआरओ पुडी श्रीहरि और मुख्य सचिव के माध्यम से आंध्र प्रदेश राज्य को भी सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 80 के तहत नोटिस जारी किया गया है।

यह कानूनी नोटिस 1 करोड़ रुपये के हर्जाने, दुर्भावनापूर्ण अभियोजन, अवैध निलंबन, आधिकारिक रिकॉर्ड में हेरफेर, मानहानि और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मुआवजे के लिए जारी किए गए हैं।

श्री वेंकटेश्वर राव ने दावा किया कि उन्हें सुरक्षा और निगरानी उपकरणों, विशेष रूप से एक एरोस्टेट और मानवरहित हवाई वाहनों की खरीद से संबंधित मामले में जानबूझकर फंसाया गया और प्रताड़ित किया गया। इन उपकरणों की खरीद स्टेट ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से की गई थी, जिसका उद्देश्य चरमपंथी आंदोलनों वाले क्षेत्रों में सुरक्षा संचालन और निगरानी को मजबूत करना था।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश 2018 की शुरुआत में ही रची गई थी, जब वे अतिरिक्त डीजीपी (इंटेलिजेंस) के रूप में कार्यरत थे। उस समय उनकी जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान, अपराध रोकथाम और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक निगरानी तकनीकों को अपनाना शामिल था।

वेंकटेश्वर राव ने कहा कि उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और चार्जशीट को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। अदालत के इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि उनके खिलाफ शुरू किया गया अभियोजन दुर्भावनापूर्ण, निराधार और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित था। अतः, उन्होंने मांग की है कि सभी प्रतिवादी संयुक्त रूप से उन्हें हर्जाने की राशि के साथ-साथ 8 फरवरी, 2020 (निलंबन की तिथि) से 12 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करें।