पूर्व शासक के पतन से अमेरिका का मकसद पूरा हुआ
एजेंसियां
कसराक एयर बेस, सीरियाः अमेरिकी सेना ने गुरुवार को सीरिया के हसाका प्रांत में स्थित कसराक एयर बेस से अपनी वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली। दोनों पक्षों के अधिकारियों के अनुसार, सैनिकों और सैन्य उपकरणों का अंतिम काफिला इस स्थल से रवाना हो गया है। इस वापसी के साथ ही, सीरियाई सेना ने अब देश के उन अधिकांश सैन्य स्थलों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया है जहाँ कभी अमेरिकी सेना तैनात थी।
सीरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों सहित उन इलाकों पर सीरियाई राज्य की संप्रभुता की बहाली, देश को एक एकल राज्य के ढांचे के भीतर एकीकृत करने के सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह वापसी दमिश्क की केंद्रीय सरकार और कुर्द नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्सेस के बीच हुए एक सफल समझौते का नतीजा है। गौरतलब है कि इससे पहले पूर्वोत्तर सीरिया के बड़े हिस्से पर एसडीएफ का नियंत्रण था।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्य प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने इस वापसी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने एक सुविचारित और परिस्थितियों पर आधारित संक्रमण प्रक्रिया के हिस्से के रूप में सीरिया में अपने सभी प्रमुख ठिकानों को सौंपने का काम पूरा कर लिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका भागीदार-नेतृत्व वाले आतंकवाद विरोधी प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा, ताकि इस्लामिक स्टेट की स्थायी हार सुनिश्चित की जा सके।
कसराक से वापसी की प्रक्रिया फरवरी के अंत में शुरू हुई थी, जो सीरिया में अमेरिकी बलों की व्यापक कटौती का संकेत है। इससे पहले फरवरी में ही अमेरिकी सेना ने जॉर्डन सीमा के पास स्थित अल-तन्फ बेस खाली करने की घोषणा की थी। यह सैन्य वापसी तब हुई है जब अमेरिका ने पूर्वोत्तर सीरिया के हिरासत केंद्रों से लगभग 5,700 संदिग्ध आईएस आतंकियों को इराक की जेलों में स्थानांतरित कर दिया है, जहाँ उन पर मुकदमा चलाया जाएगा। यद्यपि ISIS ने 2019 में अपना अंतिम क्षेत्र खो दिया था, लेकिन उसके स्लीपर सेल अब भी क्षेत्र में समय-समय पर हमले करते रहते हैं।