चुनाव आयोग बंगाल में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहता
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा इंतजाम करने जा रहा है। आयोग ने पहले चरण के चुनाव के लिए देश भर से अर्धसैनिक बलों की 2,407 कंपनियां तैनात करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की सबसे अधिक तैनाती मुर्शिदाबाद जिले में की जाएगी।
मुর্শিदाबाद और नंदीग्राम पर विशेष नजर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मुर्শিदाबाद जिले में हिंसा के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए वहां सबसे अधिक 316 कंपनियां तैनात होंगी। इनमें से 240 कंपनियां मुर्শিदाबाद पुलिस जिला और 76 कंपनियां जंगीपुर में तैनात की जाएंगी। ज्ञात हो कि इस जिले में हाल ही में वक्फ अधिनियम और एनआरसी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं।
सुरक्षा के लिहाज से दूसरा सबसे संवेदनशील क्षेत्र पूर्व मेदिनीपुर जिला है, जहां 273 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इस जिले पर आयोग की पैनी नजर है क्योंकि यहां की हाई-प्रोफाइल नंदीগ্রাম सीट से विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं। जारी सूचना के मुताबिक असनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट: 125 कंपनियां, सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट: 44 कंपनियां, उत्तर दिनाजपुर (इस्लामपुर और रायगंज): 132 कंपनियां, उत्तर बंगाल (दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार): लगभग 230 कंपनियां तैनात हैं।
पहले चरण का मतदान और चुनावी क्षेत्र पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा। इसमें उत्तर बंगाल के आठ जिले (दार्जিলিং, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजপুর, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा) शामिल हैं। इसके अलावा मुर्শিदाबाद, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बर्धमान और बीरभूम के कुछ क्षेत्रों में भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे।
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, यह तैनाती उच्च स्तरीय संवेदनशीलता मूल्यांकन के आधार पर की गई है ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। फिलहाल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने कई क्षेत्रों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है ताकि मतदाताओं के बीच विश्वास पैदा किया जा सके।