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वैज्ञानिकों ने खोजी इंसानी दिमाग के भीतर एक छिपी हुई ड्रेनेज पाइपलाइन

  • अंतरिक्ष यात्रियों पर भी हुआ अध्ययन

  • रक्त संचार प्रणाली से अलग है यह

  • लिम्फैटिक सिस्टम का नेटवर्क है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः हमारा दिमाग दिन-रात काम करता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह अपने भीतर जमा होने वाले कचरे की सफाई कैसे करता है? हाल ही में वैज्ञानिकों ने दिमाग के भीतर एक ऐसी छिपी हुई ड्रेनेज प्रणाली खोजी है, जो अब तक रहस्यों के घेरे में थी। लिम्फैटिक सिस्टम नामक यह नेटवर्क दिमाग की गंदगी को बाहर निकालने का काम करता है।

साउथ कैरोलिना की मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन ने इस दिशा में पहली बार प्रत्यक्ष प्रमाण पेश किए हैं। वैज्ञानिकों ने दिमाग में एक नए कंट्रोल पॉइंट की पहचान की है जिसे मिडल मेनिनजियल आर्टरी कहा जाता है। यह संरचना दिमाग से तरल पदार्थ और कचड़ा को साफ करने में मुख्य भूमिका निभाती है।

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नासा की तकनीक ने खोली नई राहें डॉ. ओन्डर अल्बायराम के नेतृत्व में इस टीम ने नासा के सहयोग से विकसित आधुनिक रियल-टाइम एमआरआई टूल्स का उपयोग किया। दिलचस्प बात यह है कि इन उपकरणों को मूल रूप से यह समझने के लिए बनाया गया था कि अंतरिक्ष की यात्रा के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के दिमाग में तरल पदार्थों का बहाव कैसे बदलता है।

शोधकर्ताओं ने पांच स्वस्थ व्यक्तियों पर छह घंटे तक नजर रखी। उन्होंने पाया कि एमएमए के साथ बहने वाला तरल पदार्थ खून की तरह तेज गति से नहीं, बल्कि बहुत धीमी और स्थिर गति से बह रहा था। यह धीमी चाल इस बात का संकेत थी कि यह रक्त संचार प्रणाली का हिस्सा नहीं, बल्कि सफाई करने वाले लिम्फैटिक सिस्टम का हिस्सा है।

पुरानी धारणाएं बदलीं दशकों से वैज्ञानिक मानते थे कि दिमाग के चारों ओर की झिल्लियाँ उसे शरीर के बाकी प्रतिरक्षा तंत्र से अलग रखती हैं। लेकिन डॉ. अल्बायराम के शोध ने इस धारणा को बदल दिया है। उन्होंने दिखाया कि ये झिल्लियाँ दरअसल दिमाग के कचरे को शरीर के मुख्य सफाई नेटवर्क तक पहुँचाने वाली नालियों का काम करती हैं।

बीमारियों के इलाज में बड़ी उम्मीद यह खोज केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है। दिमाग की इस सफाई व्यवस्था को समझने से अल्जाइमर, उम्र के साथ होने वाली मानसिक बीमारियां और सिर की गंभीर चोटों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं। डॉ. अल्बायराम का कहना है कि जब हम यह समझ लेंगे कि एक स्वस्थ दिमाग खुद को कैसे साफ रखता है, तभी हम बीमारियों के शुरुआती लक्षणों को पहचान पाएंगे और बेहतर इलाज ढूंढ सकेंगे।

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