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अमेरिकी घेराबंदी को दरकिनार कर आगे बढ़ा रूसी जहाज

क्यूबा के बंदरगाह पर तेल लेकर पहुंच गया

हवानाः क्यूबा के लिए पिछले तीन महीने ऊर्जा की दृष्टि से अत्यंत कष्टकारी रहे हैं, लेकिन मंगलवार को एक रूसी ध्वज वाले टैंकर अनातोली कोलोदकिन के पहुँचने से द्वीप राष्ट्र को एक बड़ी राहत मिली है। 730,000 बैरल कच्चा तेल लेकर आया यह टैंकर क्यूबा के सबसे बड़े सुपरटैंकर और ईंधन भंडारण बंदरगाह, माटांजास की खाड़ी में भोर के समय दाखिल हुआ। विशेष बात यह है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने चल रही अमेरिकी ऊर्जा नाकेबंदी के बावजूद इस टैंकर को आगे बढ़ने की अनुमति दी। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस रूसी जहाज को मानवीय आधार पर ईंधन पहुँचाने की अनुमति दी गई है, क्योंकि क्यूबा का सामान्य जनजीवन ठप्प होने की कगार पर है।

अफरामैक्स श्रेणी का यह टैंकर, जो वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन है, रविवार देर रात ग्वांतनामों बे स्थित अमेरिकी नौसेना बेस के करीब से होते हुए क्यूबा के समुद्री क्षेत्र में प्रविष्ट हुआ था। जब यह जहाज माटांजास पहुँचा, तब वहां का आसमान साफ था, लेकिन पूरा शहर और देश का अधिकांश हिस्सा बिजली के बिना अंधेरे में डूबा हुआ था।

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल के अनुसार, पिछले 90 दिनों से देश में एक भी तेल टैंकर नहीं आया था, जिसके कारण 10 मिलियन (1 करोड़) की आबादी वाले इस देश में ब्लैकआउट का कभी न खत्म होने वाला सिलसिला शुरू हो गया था। इस ऊर्जा संकट ने अस्पतालों की सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और कृषि उत्पादन को पूरी तरह से चरमरा दिया है।

रूसी जहाज के आगमन पर क्यूबा के ऊर्जा और खान मंत्री विसेंट डी ला ओ लेवी सहित आम जनता ने खुशी जाहिर की। पेट्रोलियम की भारी किल्लत ने क्यूबा के गहरे आर्थिक संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है, जिससे लोग न केवल अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, बल्कि भोजन और दवाओं की भारी कमी का भी सामना कर रहे हैं। मंत्री लेवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रूस की सरकार और वहां के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस शिपमेंट को इस जटिल समय में अत्यंत मूल्यवान बताया।

यह ईंधन क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को ट्रम्प प्रशासन के बढ़ते दबाव के बीच कुछ समय के लिए राहत की सांस लेने का मौका देगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि अनातोली कोलोदकिन पर लदे कच्चे तेल को रिफाइन करने और उसे मोटर ईंधन, डीजल तथा बिजली उत्पादन के लिए उपयोगी ईंधन तेल में बदलने में अभी कई दिनों का समय लगेगा। फिलहाल, यह खेप क्यूबा की चरमराती अर्थव्यवस्था और बुनियादी सेवाओं को पूरी तरह ध्वस्त होने से बचाने के लिए एक संजीवनी की तरह देखी जा रही है।