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कॉकरोच जनता पार्टी के सभी एकाउंट हैक हो गये

खुद संस्थापन अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया को बताया

  • बहुत तेजी से ऊपर जा रहा था आंदोलन

  • कई प्रमुख शर्तों से राजनीति प्रभावित

  • भाजपा को सबसे अधिक तकलीफ थी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर कटाक्ष करने वाले डिजिटल मंचों को अक्सर कड़े प्रशासनिक या तकनीकी अवरोधों का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में, हाल ही में बेहद लोकप्रिय हुए व्यंग्यात्मक (सैटायरिकल) डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लग गया है। इस अनूठे डिजिटल अभियान के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को एक सार्वजनिक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उनके इस सैटायरिकल मंच के खिलाफ एक सोची-समझी और बड़ी कार्रवाई (क्रैकडाउन) की गई है। उन्होंने अत्यंत निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि एक के बाद एक कई अकाउंट्स को हटाए जाने (टेकडाउन) और सिलसिलेवार ढंग से हुई हैकिंग की घटनाओं के कारण अब इस संगठन का अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है।

उन्होंने लिखा, कॉकरोच जनता पार्टी पर चौतरफा कार्रवाई हुई है। हमारा मुख्य इंस्टाग्राम पेज पूरी तरह हैक कर लिया गया है। इतना ही नहीं, मेरा व्यक्तिगत इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैकर्स का शिकार हो चुका है। हमारे मुख्य ट्विटर (एक्स) अकाउंट पर भारत में कानूनी प्रतिबंधों के तहत रोक लगा दी गई है (विथहेल्ड) और जो बैक-अप अकाउंट हमने तैयार किया था, उसे भी प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटा दिया गया है।

वास्तव में, इस बेहद चर्चित और तीखे व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान की शुरुआत महज एक हफ्ते पहले ही हुई थी। इतनी कम अवधि में ही इसने देश के युवाओं और इंटरनेट यूजर्स के बीच भारी लोकप्रियता और एक विशाल फॉलोअर बेस हासिल कर लिया था। इस पूरे ट्रेंड की पृष्ठभूमि पर नजर डालें, तो इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा की गई कथित तीखी टिप्पणियों के बाद हुई थी।

यद्यपि मुख्य न्यायाधीश ने बाद की सुनवाइयों में यह साफ तौर पर स्पष्ट किया था कि उनके कड़े शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया गया और उनका इरादा पूरी बिरादरी को ठेस पहुंचाना नहीं था, लेकिन तब तक इंटरनेट की दुनिया में इस बयान ने एक अलग ही रूप ले लिया था। सोशल मीडिया के क्रिएटर्स और मीमर्स ने इस कॉकरोच शब्द को लपक लिया और व्यवस्था पर करारा प्रहार करने के उद्देश्य से एक काल्पनिक राजनीतिक दल कॉकरोच जनता पार्टी की नींव रख दी। इस मंच के माध्यम से प्रशासनिक कमियों, न्यायिक विसंगतियों और समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर तीखे मीम्स, पोस्टर और पैरोडी वीडियो साझा किए जाने लगे। देखते ही देखते यह हैशटैग शीर्ष ट्रेंड्स में शामिल हो गया। बहरहाल, अब इसके सभी डिजिटल हैंडल्स के अचानक गायब या ब्लॉक हो जाने से इसके समर्थकों में भारी असंतोष है और इसे डिजिटल अभिव्यक्ति की आजादी पर एक और कुठाराघात माना जा रहा है।