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सोशल मीडिया पर चालू हो गया जातिवादी विषवमन

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत निशाने पर

  • 1.6 करोड़ लोग इससे जुड़ चुके हैं

  • दलित होने पर जातिवादी आलोचना

  • और बड़ा कुछ करने की तैयारी भी है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को उस समय तीखे जातिवादी हमलों और टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जब उन्होंने गुरुवार को एक ट्वीट के जरिए खुद के दलित होने की बात साझा की। पिछले हफ्ते, अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे भारतीय छात्र अभिजीत दिपके ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी से प्रभावित होकर एक पैरोडी (व्यंग्यात्मक) राजनीतिक दल की शुरुआत की थी। दरअसल, एक अदालती सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कथित तौर पर देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच और परजीवी कहकर संबोधित किया था, हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया।

इस अदालती टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक लंबी बहस छिड़ गई। इसी माहौल के बीच दिपके ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर लोगों से अपनी पहचान कॉकरोच के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया। देखते ही देखते यह व्यंग्य एक बड़े ऑनलाइन राजनीतिक आंदोलन में बदल गया। देश के लाखों युवाओं ने इसकी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा लिया, इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या अब 1.6 करोड़ के पार पहुंच गई और इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भारत में इसके एक्स अकाउंट पर भी रोक लगा दी गई।

जैसे ही इस ऑनलाइन आंदोलन ने रफ्तार पकड़ी, दिपके ने अकेले ही पार्टी का घोषणापत्र और एंथम लॉन्च कर दिया। महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख राजनेताओं ने भी इस मुहिम का समर्थन किया। हालांकि, इस बीच इसकी प्रासंगिकता पर भी सवाल उठने लगे कि क्या यह सिर्फ एक डिजिटल व्यंग्य बनकर रह जाएगा या हकीकत में कोई राजनीतिक रूप लेगा।

इसी दौरान शट अप काउंसिल नामक एक यूजर ने सवाल उठाया कि इस पार्टी का दलित मुद्दों और आरक्षण पर क्या रुख है। इस पर जवाब देते हुए 30 वर्षीय दिपके ने लिखा, मैं खुद एक दलित हूँ। मुझे उम्मीद है कि इससे आपके सभी सवालों के जवाब मिल गए होंगे।

इस खुलासे के बाद से ही महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के रहने वाले और पब्लिक रिलेशंस के छात्र दिपके को एक्स पर जातिवादी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई की लेखिका और निर्देशक अनुराधा तिवारी ने लिखा, तो यह स्वघोषित जेन जेड लीडर योग्यता के खिलाफ है। वहीं सैसी सोल नामक हैंडल ने लिखा, आ गया डी कार्ड (दलित कार्ड)। इसके अलावा हिंदुत्व नाइट नामक अकाउंट ने लिखा, तो? आप -40 वोटों के साथ प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं?

हालाँकि, इस भारी ट्रोलिंग के खिलाफ कई सोशल मीडिया यूजर्स दिपके के समर्थन में भी उतरे। लालसलाम नामक एक अकाउंट ने लिखा, उच्च जातियों के मन में दलितों के प्रति जो नफरत भरी है, वह बेहद घृणास्पद है। इससे पहले, दिपके ने फोन पर बातचीत के दौरान मीडिया को बताया था कि देश के युवा मौजूदा पुराने ढर्रे के राजनीतिक दलों से पूरी तरह थक चुके हैं। उन्होंने कहा, लोग हमें मैसेज कर रहे हैं कि वे सरकार और विपक्ष दोनों से अपनी उम्मीदें खो चुके हैं। युवा मुझसे कह रहे हैं कि इस मुहिम को बेकार न जाने दें और पीछे न हटें।

दिपके के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी भले ही एक मजाक या व्यंग्य के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन अब यह कुछ बड़ा रूप ले रही है। उनकी योजना इसे एक ऐसे ऑनलाइन मंच में बदलने की है जो युवाओं, खासकर जेन जेड को राजनीतिक रूप से जागरूक करे और उन्हें सूचना के अधिकार जैसे उपकरणों का उपयोग करके सरकारों को जवाबदेह बनाने के लिए प्रेरित करे।