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बाघ के हमले में चार महिलाओं की मौत

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में आज सुबह हुआ बड़ा हादसा

  • तेंदू पत्ता लेने जंगल गयी थी

  • किसी को संभलने का वक्त नहीं

  • इलाके में अब दहशत का माहौल

राष्ट्रीय खबर

नागपुर: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिंदेवाही तालुका के अंतर्गत गुंजेवाही वन क्षेत्र में बाघ के हमले में चार महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब ये महिलाएं मौसमी आजीविका के तहत तेंदू पत्ते इकट्ठा करने के लिए सुबह-सुबह जंगल में गई थीं। इस घटना के बाद से स्थानीय गांवों में शोक और दहशत का माहौल है।

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, सिंदेवाही वन क्षेत्र में वर्तमान में तेंदू पत्ता संग्रह का सीजन शुरू हुआ है, जिसके चलते बड़ी संख्या में ग्रामीण भोर होते ही जंगलों का रुख करते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे जब महिलाओं का एक समूह जंगल के भीतर घने पत्तों को इकट्ठा कर रहा था, तभी अचानक झाड़ियों से निकलकर एक बाघ ने उन पर जोरदार हमला कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक यह हमला इतना त्वरित और अप्रत्याशित था कि महिलाओं को संभलने या वहां से भागने का कोई मौका नहीं मिला। हमले के कारण चारों महिलाओं ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मृतक महिलाओं की पहचान कावदूबाई दादाजी मोहुर्ले (45), अनुबाई दादाजी मोहुर्ले (46), संगीता संतोष चौधरी (36) और सुनीता कौशिक मोहुर्ले (33) के रूप में की गई है। सभी मृतक सिंदेवाही तालुका के अंतर्गत आने वाले गुंजेवाही क्षेत्र की निवासी बताई जा रही हैं।

घटना की सूचना मिलते ही सिंदेवाही की वन परिक्षेत्र अधिकारी अंजली सायंकर, वन विभाग के मैदानी स्टाफ और स्थानीय पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। वन्यजीव विभाग अब इस क्षेत्र में बाघ की हरकतों और उसकी लोकेशन पर नजर रख रहा है।

इस हादसे के बाद गुंजेवाही और आस-पास के ग्रामीण इलाकों में वन विभाग के खिलाफ रोष और वन्यजीवों को लेकर गहरा डर फैल गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना उन गरीब परिवारों के जोखिम को दर्शाती है जो अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से वनोपज पर निर्भर हैं। वन विभाग ने फिलहाल ग्रामीणों को घने जंगलों में न जाने की हिदायत दी है और प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।