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छापामार गुटों ने युद्धविराम का एलान किया

कोलंबिया में चुनावी प्रक्रिया के बीच नई जानकारी मिली

बोगोटाः कोलंबिया के सबसे बड़े छापामार गुटों ने आगामी आम चुनावों को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व रिवोल्यूशनरी आर्म्ड फोर्सेस ऑफ कोलंबिया के सबसे बड़े विद्रोही धड़े सेंट्रल जनरल स्टाफ और नेशनल लिबरेशन आर्मी के विद्रोहियों ने बुधवार को अलग-अलग संघर्ष विराम (सीजफायर) की घोषणा की है। कोलंबिया के नागरिक इस महीने 31 मई को देश का अगला राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान करेंगे, जिनका कार्यकाल वर्ष 2026 से 2030 तक होगा।

ईएलएन द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, उनका संघर्ष विराम 30 मई की आधी रात से शुरू होकर 2 जून की आधी रात तक लागू रहेगा। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे कोलंबियाई नागरिकों के मतदान करने के अधिकार का पूरा सम्मान करेंगे। दूसरी ओर, एफएआरसी के विद्रोही धड़े सेंट्रल जनरल स्टाफ ने देश के सार्वजनिक सुरक्षा बलों के खिलाफ 20 मई से 10 जून के बीच अपने सभी सैन्य अभियानों को देशव्यापी स्तर पर निलंबित रखने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि कोलंबिया में हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद पिछले साल सरकार ने ईएलएन विद्रोही समूह के साथ शांति वार्ता को निलंबित कर दिया था। इस त्रिकोणीय राष्ट्रपति चुनाव में मुख्य रूप से तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें मौजूदा राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के वामपंथी गठबंधन हिस्टोरिक पैक्ट के इवान सेपेडा और दो दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी – डेमोक्रेटिक सेंटर की पालोमा वालेंसिया और निर्दलीय व्यवसायी अबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला शामिल हैं। कोलंबिया के संविधान के तहत मौजूदा राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को दूसरा कार्यकाल चाहने की अनुमति नहीं है।

हाल ही में जारी इनवेमर के एक जनमत सर्वेक्षण (पोल) के अनुसार, वामपंथी उम्मीदवार इवान सेपेडा 44.3 प्रतिशत मतों के साथ बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि अबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला 21.5 प्रतिशत और पालोमा वालेंसिया 19.8 प्रतिशत प्राथमिकताओं के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। यदि 31 मई को होने वाले पहले दौर के मतदान में किसी भी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक वैध वोट नहीं मिलते हैं, तो शीर्ष दो दावेदारों के बीच 21 जून को दूसरे दौर का (रनऑफ) मुकाबला होगा। फिलहाल विद्रोही गुटों के इस संघर्ष विराम के ऐलान पर कोलंबियाई सरकार की ओर से तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।