यूक्रेनी ड्रोन के नष्ट हुए जलते हुए टुकड़ों से हुआ आग लगी
एजेंसियां
मास्कोः रूस के ब्लैक सी स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण नोवोरोसिस्क बंदरगाह पर शनिवार तड़के एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, रूसी वायु रक्षा प्रणाली द्वारा मार गिराए गए ड्रोनों का मलबा गिरने से वहां स्थित एक प्रमुख तेल टर्मिनल (ऑयल टर्मिनल) में भीषण आग लग गई। इस अचानक हुए हमले और मलबे की चपेट में आने से कम से कम दो लोगों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है।
दक्षिणी क्रास्नोडार क्षेत्र के जनरल हेडक्वार्टर्स ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जारी एक पोस्ट में बताया कि ड्रोन का मलबा गिरने के कारण बंदरगाह परिसर के भीतर स्थित कई तकनीकी और प्रशासनिक भवनों में आग लग गई। इसके साथ ही, जलते हुए मलबे का एक बड़ा हिस्सा सीधे तेल भंडारण टर्मिनल (ऑयल स्टोरेज टर्मिनल) पर जा गिरा, जिससे वहां स्थिति और गंभीर हो गई। मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन सेवाएं और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर मुस्तैदी से आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं। हमले के वक्त दोनों घायल नागरिक बंदरगाह के पास सड़क पर मौजूद थे, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है।
रूस और यूक्रेन के कई अनौपचारिक टेलीग्राम चैनलों पर इस घटना के कुछ वीडियो फुटेज भी साझा किए गए हैं, जिनमें बंदरगाह क्षेत्र से आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता हुआ साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा, जनरल हेडक्वार्टर्स ने यह भी जानकारी दी कि ड्रोनों ने इस बंदरगाह शहर के उत्तर में स्थित अनापा क्षेत्र में भी कई निजी मकानों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के भीतर मध्यम और लंबी दूरी के ड्रोन हमलों में काफी तेजी ला दी है। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सीधे तौर पर रूसी तेल और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाना है, ताकि मास्को के उस औद्योगिक राजस्व को ठप किया जा सके जिसके दम पर वह इस युद्ध का वित्तपोषण कर रहा है। यूक्रेन की इस रणनीतिक आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मध्य रूस और यूराल पर्वत श्रृंखला में हुए कुछ हालिया ड्रोन हमले यूक्रेनी सीमा से कम से कम 1,500 किलोमीटर (करीब 900 मील) की दूरी पर स्थित ठिकानों पर किए गए थे।
इससे पहले शुक्रवार को भी यूक्रेनी सेना ने सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर स्थित यारोस्लाव में एक रूसी तेल रिफाइनरी को अपना निशाना बनाया था। यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर दावा किया कि 21 मई तक के आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने अकेले इस महीने में कुल 11 रूसी तेल सुविधाओं को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जिसमें रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक किरीशी भी शामिल है। यह हमला रूस के ऊर्जा निर्यात को आर्थिक मोर्चे पर बड़ा झटका देने की यूक्रेन की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।