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पंजाब के सीएम भगवंत मान का बड़ा एक्शन

मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा लिया

  • एक आत्महत्या से जुड़ा है विवाद

  • मामले का वीडियो वायरल हो गया

  • विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने भ्रष्टाचार और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कड़े रुख के बाद कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। तरन तारन जिले की पट्टी विधानसभा सीट से विधायक भुल्लर पर एक सरकारी अधिकारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

विवाद की जड़ में अमृतसर स्थित वेयरहाउस कॉपोर्रेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की कथित आत्महत्या का मामला है। इस घटना ने तब राजनीतिक तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक विचलित करने वाला वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में मृतक अधिकारी गगनदीप सिंह जहरीला पदार्थ खाने के बाद अपनी स्थिति बयां कर रहे थे।

वीडियो में उन्होंने स्पष्ट रूप से परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का नाम लिया था, जिसे उनकी मृत्यु पूर्व दिए गए बयान के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना के सामने आते ही पंजाब की सियासत गरमा गई। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया और आरोप लगाया कि रंधावा की मौत के लिए सीधे तौर पर मंत्री जिम्मेदार हैं। विपक्ष के बढ़ते दबाव और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए मान सरकार की काफी फजीहत हो रही थी। कांग्रेस और अकाली दल दोनों ही दल मंत्री की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि विवादित वीडियो के तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने भुल्लर का इस्तीफा मांगा था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव को इस पूरे प्रकरण की गहराई से और निष्पक्ष जांच करने के आदेश दिए हैं। सीएम मान ने साफ लफ्जों में कहा है कि उनकी सरकार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पद के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे दोषी कितना भी रसूखदार क्यों न हो। इस कार्रवाई ने पंजाब की नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में यह संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और जनता के प्रति जवाबदेही में कमी आने पर कड़े फैसले लेने से सरकार पीछे नहीं हटेगी।