रंगसामी ही संभालेंगे एनडीए की कमान
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मांडविया से नाराज हो गये थे सीएम
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सीटों के बंटवारे में नये दल को स्थान
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कई दौर की वार्ता से समस्या सुलझ पायी
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आगामी 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपनी सीट-बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। कई दिनों की अनिश्चितता और गठबंधन टूटने की अटकलों के बाद शुक्रवार को चेन्नई और पुडुचेरी में हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं में सीटों का समीकरण सुलझा लिया गया। इस समझौते के तहत मुख्यमंत्री एन. रंगसामी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस गठबंधन के बड़े भाई की भूमिका में बनी रहेगी।
30 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए इस समझौते में पार्टियों को इस तरीके से सीटें आवंटित की गई हैं। ए आईएनआरसी 16 सीटें (पिछली बार के समान), भारतीय जनता पार्टी 10 सीटें (2021 की 9 सीटों के मुकाबले एक सीट की वृद्धि)। एआईएडीएमके 2 सीटें (पिछली बार की 5 सीटों से काफी कम)।लच्चिया जननायगा कच्ची 2 सीटें (गठबंधन में शामिल नया दल)।
गठबंधन में सबसे बड़ा विवाद व्यवसायी जोस चार्ल्स मार्टिन (लॉटरी किंग सेंटियागो मार्टिन के पुत्र) की पार्टी एलजेके के प्रवेश को लेकर था। मुख्यमंत्री रंगसामी शुरू में इस पार्टी को गठबंधन में शामिल करने के खिलाफ थे और विरोध स्वरूप उन्होंने भाजपा द्वारा बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा भी नहीं लिया था।
हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ अंतिम दौर की बातचीत के बाद रंगसामी ने नरम रुख अपनाया। मंडाविया ने स्पष्ट किया कि एन. रंगसामी ही पुडुचेरी में एनडीए का चेहरा होंगे।चुनावी सरगर्मी और नामांकनसीटों का बंटवारा फाइनल होते ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मुख्यमंत्री रंगसामी ने शुक्रवार को ही थट्टनचावडी और मंगलम निर्वाचन क्षेत्रों से अपने नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। दूसरी ओर, विपक्षी डीएमके कांग्रेस गठबंधन में अब भी सीटों को लेकर खींचतान जारी है, जहाँ दोनों दल कई सीटों पर समानांतर दावेदारी पेश कर रहे हैं। 2021 के चुनावों में एआईएनआरसी ने 10, भाजपा ने 6 और कांग्रेस-डीएमके ने 6-6 सीटें जीती थीं। इस बार एनडीए एकजुट होकर फिर से सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहा है।