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Dhanbad Police Action: प्रिंस खान गैंग के खिलाफ “ऑपरेशन लंगड़ा” शुरू, कई गुर्गे दबोचे; पुलिस की लिस्ट में शामिल सफेदपोश और संदिग्ध पत्रकार

धनबाद:कोयलांचल पुलिस का “ऑपरेशन लंगड़ा” निर्णायक चरण में पहुंचता दिख रहा है. कुख्यात भगोड़ा अपराधी प्रिंस खान के गैंग को खत्म करने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के तहत लगातार एनकाउंटर और कार्रवाई के बाद पुलिस ने अब पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने का मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसमें कुछ सफेदपोश और कुछ पत्रकारों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है.

धनबाद में कुख्यात भगोड़ा अपराधी प्रिंस खान के गैंग के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. तीन एनकाउंटर के बाद अब पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की तैयारी में है. धनबाद पुलिस प्रिंस खान गैंग के खिलाफ लगातार आक्रामक कार्रवाई कर रही है. अब तक तीन एनकाउंटर हो चुके हैं और पुलिस का दावा है कि गैंग को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस रणनीति तैयार कर ली गई है.

कुछ सफेदपोश और पत्रकार जांच के दायरे में

धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि हालिया एनकाउंटर के बाद कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. जांच में यह सामने आया है कि गैंग के साथ कुछ व्हाइट कॉलर लोग जुड़े हुए हैं, वहीं कुछ पत्रकारों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है.

पुलिस को मोबाइल डेटा से मिली अहम जानकारी

उन्होंने कहा कि पुलिस को मोबाइल डेटा के जरिए कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. करीब 60 बैंक खातों के डिटेल्स मिले हैं, जिनसे संदिग्ध लेनदेन किए गए हैं. इस पूरे नेटवर्क में अमन सिंह उर्फ कुबेर की भूमिका अहम बताई जा रही है.

एसएसपी के मुताबिक, एनकाउंटर के बाद भी गैंग से जुड़े लोग सक्रिय हैं और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रहे हैं. चैटिंग और फोटो शेयरिंग के जरिए संपर्क बनाए रखने के प्रमाण भी पुलिस को मिले हैं.

ऑपरेशन लंगड़ा के तहत पुलिस की कार्रवाई

धनबाद में “ऑपरेशन लंगड़ा” की शुरुआत एसएसपी प्रभात कुमार के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद की गई थी. इसी अभियान के तहत जमशेदपुर के कुख्यात अपराधी भानु मांझी को एनकाउंटर में पैर में गोली लगी थी.

फायरिंग करने वाले अपराधियों की पहचान हुई

इसके अलावा, रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित रेस्टोरेंट में हुई हत्या और 20 फरवरी को बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के आरा मोड़ में हुई फायरिंग की घटना में शामिल अपराधियों की पहचान भी पुलिस ने कर ली है. हथियार सप्लाई से लेकर पूरी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की कुंडली तैयार की जा चुकी है. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क के खिलाफ और बड़े खुलासे और कार्रवाई देखने को मिल सकती है.

धनबाद में कुख्यात प्रिंस खान गैंग के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है. तीन बड़े मुठभेड़ों में गैंग के कई शूटर और सक्रिय सदस्य घायल हुए हैं, जिससे पुलिस की “ऑपरेशन लंगड़ा” रणनीति असर दिखाती नजर आ रही है.

प्रिंस खान के कई गुर्गे पकड़े गए

धनबाद पुलिस द्वारा प्रिंस गैंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अलग-अलग समय पर हुई मुठभेड़ों में गैंग के कई अहम गुर्गों को पकड़ने और कमजोर करने में सफलता मिली है.

सबसे पहले 14 अक्तूबर 2023 को तीलाटांड़, तेतुलमारी में पुलिस और प्रिंस गैंग के जमशेदपुर के शूटर भानु मांझी के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान भागने की कोशिश में भानु मांझी के पैर में गोली लगी थी. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया था.

उसके बाद 8 मार्च 2026 को भूईफोड़ फायरिंग रेंज में पुलिस और प्रिंस गैंग के बीच फिर मुठभेड़ हुई थी. इस कार्रवाई में गैंग के सक्रिय सदस्य सुदीश ओझा को पैर में गोली लगी थी. वहीं मौके से फरार हुए एक अन्य गुर्गा दिलीप सिंह को पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था.

प्रिंस खान गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

ताजा मामला 16 मार्च 2026 सोमवार का है, जब भागाबांध ओपी क्षेत्र में पुलिस और प्रिंस गैंग के बीच मुठभेड़ हुई. इस दौरान अमन सिंह उर्फ कुबेर और विक्की डोम के पैर में गोली लगी, जबकि भागने के क्रम में अफजल का पैर टूट गया.

पुलिस के अनुसार, घायल अपराधियों में अमन सिंह उर्फ कुबेर पलामू का रहने वाला है, जबकि विक्की डोम और अफजल धनबाद के निवासी है. लगातार हो रही इन मुठभेड़ों से साफ है कि धनबाद पुलिस अब प्रिंस गैंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. हर कार्रवाई के साथ गैंग का नेटवर्क कमजोर हो रहा है और आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.