इलाके में तत्काल युद्धविराम को लागू करें
बीजिंगः चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को खाड़ी क्षेत्र में जारी भीषण संघर्ष को तुरंत रोकने और युद्धविराम लागू करने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, वांग यी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि खाड़ी देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का हर हाल में पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए। चीन का यह रुख ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है।
वांग यी ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी सोमवार को कुवैती विदेश मंत्री जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान की। यह कूटनीतिक संवाद उस पृष्ठभूमि में हुआ है जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाए गए बमबारी अभियान के जवाब में पूरे खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। चीन, जो इस क्षेत्र में एक प्रमुख आर्थिक और कूटनीतिक शक्ति के रूप में उभरा है, अब इस संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाता दिख रहा है।
एक अन्य अलग फोन कॉल में, वांग यी ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल जायनी से भी बात की। इस दौरान उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चीन तेजी से बिगड़ती स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है। वांग ने भरोसा दिलाया कि चीन क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में एक रचनात्मक भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का यह प्रयास केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में उसके व्यापक ऊर्जा हितों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
चीन ने हमेशा अहस्तक्षेप की नीति का समर्थन किया है, लेकिन वर्तमान युद्ध की गंभीरता को देखते हुए वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। वांग यी के बयानों से स्पष्ट है कि चीन चाहता है कि सभी पक्ष संयम बरतें ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले इस संवेदनशील क्षेत्र में तबाही को रोका जा सके। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बीजिंग का यह आह्वान जमीनी स्तर पर तनाव कम करने में सफल होता है।