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पवन कल्याण की घोषणा से विधानसभा में माहौल गर्म

तिरुपति लड्डू मिलावट मामला में नये आंकड़े पेश

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः आंध्र प्रदेश विधानसभा में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पवित्र प्रसादम में मिलावट का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सदन के पटल पर इस मामले से जुड़े जो तथ्य पेश किए, वे न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हुए खिलवाड़ की भयावह तस्वीर भी प्रस्तुत करते हैं।

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सदन में एक अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए पुष्टि की कि 2019 से 2024 के बीच की पांच वर्षीय अवधि में तैयार किए गए 20 करोड़ से अधिक लड्डू मिलावटी घी से दूषित थे। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल की प्रारंभिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह कोई सामान्य चूक नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और सुनियोजित साजिश थी।

पवन कल्याण ने इसे तिरुमाला बालाजी की पवित्रता को नष्ट करने और हिंदुओं की आस्था को चोट पहुँचाने के लिए रचा गया एक ढांचागत षड्यंत्र बताया। उन्होंने पिछली वाईसीपी सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि प्रशासन में बैठे लोग ही इस कुकृत्य में संलिप्त थे।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इस घोटाले का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए ठोस आंकड़े रखे। उन्होंने बताया कि इस पांच साल के अंतराल में 59.71 लाख किलोग्राम मिलावटी घी का उपयोग लड्डू बनाने में किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ खास समूहों ने सिंडिकेट बनाकर घी की खरीद प्रक्रिया को नियंत्रित किया। इस पूरी प्रक्रिया के माध्यम से टीटीडी के कोष से 234 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई। उन्होंने इसे बालाजी के पवित्र धन की लूट बताते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं का सौदा है।

सदन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के इन कड़े बयानों ने मामले की संवेदनशीलता को चरम पर पहुँचा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान विपक्षी पार्टी वाईसीपी के विधायक विधानसभा से नदारद रहे। उनका यह वॉकआउट न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना है, बल्कि जनता के मन में भी कई सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि इस गंभीर मुद्दे पर उनका पक्ष अब तक पूरी तरह सामने नहीं आया है।