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नाइजीरिया में जुमे की नमाज के दौरान जिहादी गुटों की खूनी झड़प

दर्जनों नागरिकों की हत्या और अपहरण की सूचना

मस्जिद में हुआ था यह हमला

लकूवारा गुट के आतंकी थे सभी

महमूदा नामक दूसरे संगठन घुसपैठ

अबूजाः मध्य नाइजीरिया के नाइजर राज्य में शुक्रवार की जुमे की नमाज के दौरान जिहादी चरमपंथियों ने अंधाधुंध हमला कर दर्जनों लोगों को मौत के घाट उतार दिया और कई अन्य का अपहरण कर लिया। स्थानीय नागरिकों और एक सांसद ने शनिवार को इस दर्दनाक घटना की पुष्टि की है। हालांकि, विरोधी गुटों के बीच हुई आपसी भिड़ंत का फायदा उठाकर कुछ बंधक किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

यह खूनी संघर्ष अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया में जारी 17 साल पुराने उस भीषण उग्रवाद का हिस्सा है, जहां सामूहिक अपहरण एक मुख्य रणनीति बन चुकी है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण साल 2014 में चिबूक शहर से सैकड़ों स्कूली छात्राओं का किया गया कुख्यात अपहरण था। हालांकि इस उग्रवाद का मुख्य केंद्र देश का उत्तर-पूर्व हिस्सा रहा है, लेकिन शुक्रवार का यह ताजा हमला बेनिन की पश्चिमी सीमा के पास हुआ है। संघर्ष के फैलने के बाद से इस क्षेत्र में स्थानीय सशस्त्र समूहों और पड़ोसी साहेल क्षेत्र के आतंकवादियों की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।

बोर्गू स्थानीय सरकारी क्षेत्र के डिखेरा गांव के इस भीषण हमले में बाल-बाल बचे जिब्रिल अहमद ने बताया, सामान्य जुमे की नमाज खत्म होने के तुरंत बाद, सैकड़ों की संख्या में आए लकूवारा सशस्त्र समूह के आतंकवादियों ने बंदूकों, छुरियों और तलवारों के साथ हम पर हमला बोल दिया। उन्होंने आगे बताया कि आतंकवादियों ने कई लोगों को बेरहमी से यह कहते हुए काट डाला कि हम इस्लाम की सही शिक्षाओं का पालन नहीं कर रहे हैं। अहमद और संघीय प्रतिनिधि जाफरू मोहम्मद ने एएफपी को बताया कि इस हमले की चपेट में कई अन्य नजदीकी गांव भी आए हैं।

लकूवारा एक रहस्यमय संगठन है, जिसे कुछ शोधकर्ताओं ने इस्लामिक स्टेट साहेल प्रोविंस यानी आईएसएसपी से जोड़ा है। यह समूह बुर्किना फासो, माली और नाइजर में सक्रिय है। हालांकि, एक अन्य स्थानीय निवासी का दावा था कि इस हमले के पीछे अंसारू नामक स्थानीय जिहादी समूह का हाथ था।

ग्रामीण इलाकों में सक्रिय इन सशस्त्र समूहों के हमलों की पुष्टि करना अक्सर बेहद मुश्किल होता है। संघीय सरकार और सैन्य अधिकारियों ने अभी तक इस नए हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लकूवारा के आतंकवादी इस इलाके में किसानों और पशुपालकों पर भारी कर यानी टैक्स वसूलते हैं, जिसके तहत वे उनकी फसलें या मवेशी जबरन छीन लेते हैं।

शुक्रवार को हुई इस हिंसा के दौरान महमूदा नाम के एक अन्य जिहादी समूह ने बीच में दखल दिया और लकूवारा के लड़ाकों के साथ उसकी भयंकर झड़प हो गई। अहमद और मोहम्मद ने बताया कि इस आपसी संघर्ष के कारण कुछ बंधक बनाए गए ग्रामीण भागने में सफल रहे।