Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
DGCA Bribery Case: डीजीसीए के डिप्टी डीजी समेत दो लोग गिरफ्तार, रिश्वतखोरी मामले में सीबीआई का बड़ा ... मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने... ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद! जहाजों पर फायरिंग से दुनिया भर में हड़कंप, क्या भारत... "मुझे झालमुड़ी खिलाओ..." बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का देसी अंदाज, काफिला रुकवाकर चखा मशहूर स्नैक ... Srinagar Airport: श्रीनगर एयरपोर्ट पर 2 अमेरिकी नागरिक हिरासत में, चेकिंग के दौरान बैग से मिला Garmi... India's First Semiconductor Unit: ओडिशा में देश की पहली 3D सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट का शिलान्यास; ... TMC vs I-PAC: चुनाव के बीच ममता बनर्जी और I-PAC में ठनी? जानें क्यों TMC के लिए गले की फांस बनी प्रश... ग्लेशियरों का बहाव बाढ़ और हिमस्खलन लायेगा Wedding Tragedy: शादी की खुशियां मातम में बदली, गैस सिलेंडर लीक होने से लगी भीषण आग; 1 की मौत, 4 गंभ... Muzaffarnagar: दिल्ली के 'बंटी-बबली' मुजफ्फरनगर में गिरफ्तार, फर्जी CBI अधिकारी बनकर करते थे लाखों क...

डिप्टी सीएम के भाई के आवास पर एसीबी की छापामारी

आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जारी

  • पुलिस विभाग में पदस्थ अधिकारी है

  • पहले जांच कर प्राथमिकी दर्ज की गयी

  • सुरिंदर चौधरी ने कहा राजनीति से प्रेरित

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः बुधवार को जम्मू-कश्मीर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के भाई विजय चौधरी के आवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी सुबह-सुबह जम्मू शहर के संतोख विहार–कलोचक इलाके में स्थित विजय चौधरी के आवास पर शुरू हुई।

विजय चौधरी जम्मू-कश्मीर पुलिस में इंस्पेक्टर हैं और उन्हें सितंबर 2025 में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरित कर दिया गया था। फिलहाल वे कथित तौर पर निलंबन के अधीन हैं। एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

एसीबी का दावा है कि विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर की गई जांच से पता चला है कि विजय चौधरी ने अपनी विभिन्न तैनाती के दौरान अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक करोड़ों रुपये की भारी संपत्ति अर्जित की है। इन संपत्तियों में 10 से अधिक मकान, दुकानें और लगभग 100 कनाल (12.5 एकड़) भूमि शामिल है, जो ज्यादातर उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के नाम पर है। छापे के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं और जांच जारी है।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित और प्रतिशोध की भावना से की गई कार्रवाई करार दिया। उन्होंने मीडिया से कहा, यह लड़ाई शुरू हो गई है और हम इसे कानूनी रूप से लड़ेंगे। हमें भारत की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के भीतर की आपसी रंजिश के कारण उनके भाई का प्रमोशन रोका जा रहा है और यह छापेमारी उनके परिवार को डराने और बदनाम करने का एक प्रयास है। उन्होंने अपने भाई को एक बहादुर अधिकारी बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा आतंकवाद और अपराध के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।