Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand Crime: धनबाद में दिनदहाड़े गैंगवार! कोयला कारोबारी की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग, गोलियों क... Jharkhand Crime: खूंटी में दरिंदगी! आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर आरोपी हुआ फरार, पॉक्सो एक्ट के ... Jharkhand High Court Action: बोकारो के चर्चित 'पुष्पा केस' में हाईकोर्ट की बड़ी सख्ती! DNA जांच के ल... Dhanbad Crime News: एंबुलेंस के जरिए हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा; चालक ... Jharkhand News: ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासन सख्त, होमगार्ड्स के वेतन निकासी को लेकर नई गाइडलाइंस ज... Jharkhand Crime: दुमका में विवाहिता की मौत पर सनसनी! पिता की FIR के बाद एक्शन में आई पुलिस, आरोपी दा... CG Crime News: धमतरी में सरेआम गुंडागर्दी! पेशी पर आए राजस्थान के युवकों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई, दुक...

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के कड़े फैसले का असर भारत पर

भारत अमेरिका व्यापार वार्ता स्थगित

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर होने वाली द्विपक्षीय वार्ता टलती नजर आ रही है। सोमवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक फिलहाल नहीं होगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इस बैठक में व्यापार समझौते के कानूनी पहलुओं को अंतिम रूप दिया जाना था, लेकिन वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया है।

आधिकारिक तौर पर बैठक टलने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसके पीछे अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला है। शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब देश की शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा लगाए गए आयात शुल्कों को अवैध घोषित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने राष्ट्रीय आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग कर अमेरिकी कांग्रेस की अनुमति के बिना ये शुल्क लगाए थे।

अदालती झटके के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने नए अस्थायी टैरिफ की घोषणा कर दी। शुरुआत में इसे 10 प्रतिशत रखा गया था, जिसे 24 घंटे के भीतर बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। ट्रंप ने इसके लिए 1974 के अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 122 का हवाला दिया है। हालांकि, इस कानून के तहत भी बिना कांग्रेस की मंजूरी के ऐसे शुल्क 150 दिनों से अधिक प्रभावी नहीं रह सकते।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप प्रशासन के नए कदमों पर भारतीय वाणिज्य मंत्रालय ने पैनी नजर बनाए रखी है। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, हमने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर गौर किया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा घोषित नए कदमों के प्रभावों का हम बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।दोनों देशों ने आपसी सहमति से तय किया है कि यह बैठक अब ऐसे समय पर होगी जो दोनों पक्षों के लिए अनुकूल हो। फिलहाल, टैरिफ को लेकर अमेरिका के भीतर चल रही कानूनी और राजनीतिक खींचतान ने इस व्यापार समझौते के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं।