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बहुत सस्ते में हमला विफल करने की इजरायली तकनीक

भारत-इजरायल रक्षा सौदा में मजबूती की तैयारी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में, भारत अब इजरायल के उन्नत ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और लेजर-आधारित रक्षा प्रणालियों पर नजर गड़ाए हुए है। इसका उद्देश्य भारत के सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और एक ऐसा अभेद्य बहुस्तरीय ढाल (शील्ड) तैयार करना है, जो भविष्य में पाकिस्तान के किसी भी मिसाइल, ड्रोन या हवाई हमले को विफल कर सके।

जहाँ भारत के डीआरडीओ ने 30 किलोवाट की उच्च-ऊर्जा वाली लेजर प्रणाली विकसित की है, वहीं इजरायल ने अपने आयरन डोम के पूरक के रूप में 100 किलोवाट श्रेणी की आयरन बीम लेजर प्रणाली तैनात करना शुरू कर दिया है। आयरन बीम की खासियत यह है कि यह ड्रोन, रॉकेट और मोर्टार को बेहद कम लागत में मार गिराने में सक्षम है।

प्रधानमंत्री मोदी की बुधवार से शुरू होने वाली दो दिवसीय इजरायल यात्रा के दौरान इन रक्षा योजनाओं को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। साल 2017 के बाद पीएम मोदी की यह दूसरी इजरायल यात्रा होगी, जिसमें सुरक्षा सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। भारत न केवल हथियारों की खरीद, बल्कि उन्नत तकनीक के हस्तांतरण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

एक नए सुरक्षा गठबंधन की आहट इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा, प्रधानमंत्री मोदी के साथ हमारे संबंध और मजबूत हुए हैं। हम मध्य पूर्व के भीतर या उसके आसपास गठबंधनों का एक पूरा तंत्र, एक हेक्सागन (षट्कोण) बनाएंगे, जिसमें भारत, अरब देश, अफ्रीकी देश, भूमध्यसागरीय देश और एशियाई राष्ट्र शामिल होंगे।

भारत 2035 तक अपने शहरों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए स्वदेशी बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र विकसित कर रहा है। इसके लिए भारत, इजरायल की आयरन डोम, एरो और डेविड्स स्लिंग जैसी प्रणालियों के साथ सहयोग कर रहा है। इसके तहत बराक-8 मिसाइलों को एआई, उन्नत सेंसर और साइबर-रक्षा प्रणालियों के साथ जोड़ा जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने 2026 में भारत के साथ 8.6 अरब डॉलर के हथियारों के सौदे पर सहमति जताई है, जिससे वह फ्रांस के बाद भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बन गया है। इन सौदों में स्पाइस 1000 सटीक बम, रैम्पेज मिसाइलें, एयर लोरा बैलिस्टिक मिसाइलें और 300 किमी रेंज वाली आइसब्रेकर मिसाइल प्रणाली शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी भारत ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों के खिलाफ इजरायली हथियारों और कामिकाजे ड्रोन का प्रभावी उपयोग किया था।