Breaking News in Hindi

पंजाब की सियासत में नया मोड़! फाइनांस कमीशन की ग्रांट को लेकर आमने-सामने केंद्र और राज्य; खैहरा के पत्र से मची खलबली

पंजाब की राजनीति में 15वें वित्त आयोग की ग्रामीण स्थानीय निकाय (RLB) ग्रांट को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भुलत्थ से विधायक Sukhpal Singh Khaira ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर पंजाब में जारी की गई ग्रांट के कथित दुरुपयोग की जांच की मांग की है। अपने पत्र में खैहरा ने आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग के तहत पंजाब को ग्रामीण स्थानीय निकायों- ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद को सशक्त बनाने के लिए दी गई राशि में से लगभग 750 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा विभागीय देनदारियों और जल आपूर्ति जैसी सेवाओं के संचालन खर्चों में उपयोग किए जाने की सूचना है।

सुखपाल खैहरा ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह वित्त आयोग की शर्तों और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होगा। साथ ही, यह 73वें संविधान संशोधन की भावना के विपरीत है, जिसका उद्देश्य स्थानीय निकायों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है। खैहरा ने आशंका जताई कि इससे पंचायतों को मिलने वाले वैध संसाधनों में कटौती हुई हो सकती है और व्यय का वर्गीकरण भी गलत तरीके से दिखाया गया हो।

इन फंडों को सीधे पंचायती राज संस्थाओं को ट्रांसफर किया जाना चाहिए और तय गाइडलाइंस के अनुसार सख्ती से इस्तेमाल किया जाना चाहिए, जिसका मकसद फिस्कल डीसेंट्रलाइज़ेशन और लोकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना है। लेकिन, मुझे फील्ड सोर्स से पक्के इनपुट मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि इन फंड का एक बड़ा हिस्सा, जो कथित तौर पर लगभग 750 करोड़ रुपए है, शायद राज्य सरकार ने डिपार्टमेंट की देनदारियों को पूरा करने के लिए डायवर्ट किया या इस्तेमाल किया, जिसमें पानी की सप्लाई और उससे जुड़ी सर्विसेज से जुड़े ऑपरेशनल खर्च शामिल हैं, बजाय इसके कि इसे पंचायती राज संस्थाओं को मंज़ूर लोकल डेवलपमेंट के कामों के लिए भेजा और इस्तेमाल किया जाए।