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पाकुड़ नगर परिषद चुनाव: संपा साहा बनीं बीजेपी की प्रतिष्ठा का सवाल, साख बचाने के लिए दिग्गजों ने झोंकी ताकत

पाकुड़: जिले के एकमात्र नगर परिषद क्षेत्र पाकुड़ में आगामी 23 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं. 23 फरवरी को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. होने वाले इस चुनाव में वार्ड पार्षद के 89 और अध्यक्ष पद के 10 प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा समर्थित और अधिकृत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी संपा साहा और पार्टी के महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष सबरी पाल को लेकर हो रही है.

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शेख सेलिना सुल्ताना को मैदान में उतारा

चर्चा होना लाजमी भी है क्योंकि संपा साहा ने पिछले चुनाव में 7914 मत लाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की मीरा प्रवीण सिंह को 2685 मतों से पराजित किया था. जो अभी भारतीय जनता पार्टी में हैं. दलीय आधार पर चुनाव नहीं होने के कारण झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शेख सेलिना सुल्ताना को अपने अधिकृत प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है.

37033 मतदाता वाले पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र में वैसे तो चतुष्कोणीय मुकाबले के आसार दिख रहे हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष पद पर जीत को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है. भारतीय जनता पार्टी ने पाकुड़ नगर निकाय में अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए जिलाध्यक्ष, पदाधिकारी, पूर्व जिलाध्यक्ष और नगर सहित जिला कमेटी को पूरी ताकत चुनाव में लगाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसका चुनाव प्रसार और संपर्क अभियान के दौरान असर भी देखा गया.

सबरी पाल भी अपने को सनातनी बताकर वोट मांग रही हैं

भाजपा की प्रदेश मंत्री शर्मिला रजक, जिलाध्यक्ष सरीता मुर्मू सहित कई पूर्व जिलाध्यक्षों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ता सभी वार्डो में प्रचार प्रसार और संपर्क अभियान करते दिखे. भाजपा से जुड़े नेता और कई सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी द्वारा संपा साहा को अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित करने और उन्हें जिताने के लिए मतदाताओं से आशीर्वाद मांगते दिखे तो दूसरी ओर अध्यक्ष पद पर ताल ठोक रही भाजपा जिला मोर्चा की सबरी पाल भी अपने को पार्टी का सच्चा सिपाही और सनातनी दर्शाकर मत मांग रही हैं.

भाजपा के लिए पाकुड़ जिले में नगर परिषद क्षेत्र के अध्यक्ष पद चुनौती इसलिए भी बना हुआ है कि संगठन से जुड़े कई सक्रिय कार्यकर्ता सबरी पाल के पक्ष में खुलकर काम कर रहे हैं.

27 फरवरी को मतों की गिनती होगी

बहरहाल आगामी 23 फरवरी को चुनाव होंगे और 27 फरवरी को मतों की गिनती होगी. अध्यक्ष पद भाजपा की झोली में मतदाता डालते हैं या नहीं यह तो 27 फरवरी को ही पता चलेगा. लेकिन इतना तय है कि चुनावी परिणाम खासकर भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर आने वाले दिनों में दूरगामी असर जरूर डालेगा.