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आगामी 28 फरवरी को एक कतार में दिखेंगे छह ग्रह

अंतरिक्ष में हो रही अनोखी ब्रह्मांडीय जुगलबंदी की घटना

  • यह घटना क्यों है इतना खास?

  • अगला मौका वर्ष 2040 में आयेगा

  • 170 वर्षों में एक बार ऐसी स्थिति

राष्ट्रीय खबर

रांचीः खगोल विज्ञान के क्षेत्र में फरवरी 2026 का अंत एक ऐतिहासिक दृश्य के साथ होने जा रहा है। 28 फरवरी की सुबह, सौरमंडल के छह प्रमुख ग्रह— बृहस्पति, यूरेनस, नेपच्यून, बुध, शनि और शुक्र आकाश में एक सीधी रेखा में संरेखित होते दिखाई देंगे। वैज्ञानिकों की भाषा में इसे प्लैनेटरी एलाइनमेंट कहा जाता है, लेकिन आम बोलचाल में इसे ग्रहों की परेड के नाम से जाना जाता है। यूं तो ग्रहों का संरेखण समय-समय पर होता रहता है, लेकिन एक साथ छह ग्रहों का एक ही दिशा में दिखाई देना बहुत दुर्लभ है।

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यह स्थिति तब बनती है जब ग्रह अपनी-अपनी कक्षाओं में सूर्य के चारों ओर चक्कर काटते हुए पृथ्वी के सापेक्ष एक छोटे से कोणीय क्षेत्र में आ जाते हैं। इस परेड में शुक्र और बृहस्पति सबसे चमकीले दिखाई देंगे, जिन्हें नग्न आंखों से आसानी से पहचाना जा सकेगा।  इससे पहले ऐसी ही एक महत्वपूर्ण घटना 3 जून 2024 को हुई थी। उस समय भी बुध, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक सीधी रेखा में आए थे।

जून 2024 की परेड में कई ग्रह सूर्य के बहुत करीब थे, जिससे उन्हें नग्न आंखों से देखना थोड़ा कठिन था। इसके विपरीत, 28 फरवरी 2026 की परेड अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है क्योंकि शुक्र और बृहस्पति जैसे चमकीले ग्रह बेहतर स्थिति में होंगे। अगस्त 2024 में भी 6 ग्रहों का एक संरेखण हुआ था, लेकिन वह इतना प्रभावशाली नहीं था जितना 2026 में होने वाला है।

अगर आप 2026 की इस घटना को चूक जाते हैं, तो इसके बाद अगला बड़ा और स्पष्ट संरेखण 8 सितंबर 2040 को देखने को मिलेगा। उस समय सौरमंडल के पांच प्रमुख ग्रह (बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि) आकाश के एक बहुत ही छोटे हिस्से (केवल 10 डिग्री के भीतर) में एक साथ दिखाई देंगे, जो कि दृश्यात्मक रूप से अब तक का सबसे अद्भुत नजारा होगा।

एक रोचक तथ्य: पूर्ण रूप से सभी 8 ग्रहों का एक सीधी रेखा में आना अत्यंत दुर्लभ है। खगोलविदों के अनुसार, ऐसा नजारा लगभग 170 वर्षों में एक बार ही बनता है।

इसे देखने का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय से ठीक पहले का होगा। चूंकि अधिकांश ग्रह सूर्य के करीब स्थित होंगे, इसलिए वे सुबह की पहली किरण से पहले पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में दिखाई देंगे। खगोलविदों का सुझाव है कि इस घटना का पूरा आनंद लेने के लिए किसी ऐसी जगह का चुनाव करें जहां ऊंची इमारतें या पेड़ न हों और प्रदूषण कम हो।

 

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