रूस की राजधानी में फिर सामने आयी गंभीर सुरक्षा चूक
मॉस्कोः मास्को में रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी के उप प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर एलेक्सेयेव पर हुए हमले के बाद अब और अधिक चौंकाने वाली और विस्तृत जानकारी सामने आ रही है। इस घटना ने न केवल रूस के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के स्तर पर भी आरोप-प्रत्यारोप का एक नया दौर शुरू कर दिया है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला शुक्रवार की सुबह लगभग 7 बजे मास्को के उत्तर-पश्चिम में स्थित वोलोकोलाम्स्कोये राजमार्ग पर एक आवासीय इमारत में हुआ। हमलावर ने एक फूड डिलीवरी एजेंट का भेष धर रखा था ताकि वह उच्च-सुरक्षा वाली इमारत में बिना किसी संदेह के प्रवेश कर सके।
जैसे ही जनरल एलेक्सेयेव अपने घर से निकलकर लिफ्ट की ओर बढ़े, हमलावर ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। चश्मदीदों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, जनरल ने निहत्थे होने के बावजूद बहादुरी से हमलावर का मुकाबला करने की कोशिश की। इस हाथापाई के दौरान उन्हें हाथ, पैर और सीने में कुल तीन गोलियां लगीं। हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गया। जनरल को तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति अभी भी अत्यंत गंभीर बनी हुई है।
यह हमला एक अत्यंत संवेदनशील समय पर हुआ है। रूस और यूक्रेन के बीच अबू धाबी में शांति वार्ता का एक दौर अभी समाप्त ही हुआ था, जिसमें जनरल एलेक्सेयेव के वरिष्ठ, एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सीधे तौर पर ज़ेलेंस्की शासन पर इस हमले का आरोप लगाया है। लावरोव का दावा है कि यह हमला शांति वार्ता को बाधित करने और रूस के सैन्य नेतृत्व में दहशत फैलाने की एक सोची-समझी साजिश है।
हालांकि, कुछ स्वतंत्र विश्लेषक इसे रूस के भीतर का आंतरिक मामला भी मान रहे हैं। जनरल एलेक्सेयेव 2023 के वैगनर विद्रोह के दौरान येवगेनी प्रिगोझिन के साथ बातचीत करने वाले प्रमुख अधिकारियों में शामिल थे। इस पृष्ठभूमि के कारण, रूसी सोशल मीडिया पर यह चर्चा भी गर्म है कि क्या यह हमला किसी आंतरिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम है।
मास्को के भीतर पिछले दो महीनों में यह तीसरे उच्च-स्तरीय सैन्य अधिकारी पर हमला है। इससे पहले दिसंबर 2024 में दो अन्य जनरलों की हत्या कार बम और स्कूटर धमाकों में की गई थी। हीरो ऑफ रशिया से सम्मानित एक इतने वरिष्ठ अधिकारी का बिना किसी प्रभावी सुरक्षा घेरे के अपने घर के पास शिकार होना रूसी खुफिया एजेंसियों की कार्यक्षमता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन को पल-पल की जानकारी दी जा रही है। वर्तमान में, मास्को पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उस डिलीवरी बॉय की तलाश कर रही है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल हमले को अंजाम दिया। पूरे शहर में सुरक्षा का स्तर कॉम्बैट अलर्ट पर रखा गया है।