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एपस्टीन फाइल्स में उल्लेख की चर्चा गलतः विदेश मंत्रालय

बजट से ठीक पहले अमेरिकी चर्चा पर सरकारी खंडन

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत सरकार ने शनिवार को कुख्यात यौन अपराधी और दिवंगत फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन की हाल ही में जारी ईमेल फाइलों में किए गए उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 की इजरायल यात्रा के पीछे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका होने की बात कही गई थी। विदेश मंत्रालय ने इन दावों को एक सजायाफ्ता अपराधी की घटिया सोच करार दिया है।

अमेरिकी सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए एक दर्जन से अधिक ईमेल और संदेशों में एपस्टीन ने भारत और पीएम मोदी का जिक्र किया था। इन ईमेल में उसने भारत-अमेरिका संबंधों को बढ़ाने की इच्छा जताई थी और दावा किया था कि वह 2019 के चुनावों के बाद रिपब्लिकन रणनीतिकार स्टीव बैनन की मुलाकात प्रधानमंत्री से कराएगा। साथ ही, इन मुद्दों पर एपस्टीन और भारतीय व्यवसायी अनिल अंबानी के बीच पत्राचार होने के संकेत भी मिले हैं।

एपस्टीन ने 6 जुलाई, 2017 को एक प्रभावशाली कतरी व्यक्ति को भेजे ईमेल में लिखा था कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति की सलाह मानी और उसी के अनुसार इजरायल में व्यवहार किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को जारी बयान में कहा, हमने प्रधानमंत्री और उनकी इजरायल यात्रा के संदर्भ वाली तथाकथित एपस्टीन फाइलों की खबरें देखी हैं। जुलाई 2017 में पीएम की आधिकारिक इजरायल यात्रा के तथ्य के अलावा, ईमेल में किए गए बाकी सभी दावे एक अपराधी की बकवास हैं, जिन्हें पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए।

ईमेल में हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का जिक्र इन फाइलों में 2014 का एक ईमेल भी शामिल है, जो वर्तमान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी (तब वह सरकारी पद पर नहीं थे) ने एपस्टीन को भेजा था। श्री पुरी ने इस ईमेल भेजने से इनकार नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इसके अतिरिक्त, एपस्टीन ने स्टीव बैनन से कहा था कि मोदी बोर्ड पर हैं और वह अनिल अंबानी के जरिए मुलाकात का प्रबंध कर सकता है। श्री अंबानी के कार्यालय ने इन दावों पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

राजनीतिक घमासान इस खुलासे के बाद भारत में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने इन आरोपों को राष्ट्रीय शर्म बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस ने ईमेल के मूल पाठ के साथ छेड़छाड़ कर इसे प्रधानमंत्री की छवि खराब करने के लिए इस्तेमाल किया है। उल्लेखनीय है कि ये ईमेल ऐसे समय में सामने आए हैं जब प्रधानमंत्री फरवरी के अंत में अपनी दूसरी इजरायल यात्रा पर जाने वाले हैं।