Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालों के झड़ने के पीछे कहीं प्रोटीन की कमी तो नहीं? जानें शरीर में दिखने वाले 5 संकेत और घरेलू उपाय मुजफ्फरनगर: दृष्टिहीन सत्येंद्र की अटूट शिवभक्ति! बिना किसी साथी के लाठी के सहारे 3 दिन में तय किया ... बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर मायावती ने जताया गहरा शोक, बताया पार्टी का वफादार स्त... डांगावास हत्याकांड: 11 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला, CBI सबूत साबित करने में नाकाम, सभी 40 आरोपी बरी अजमेर नगर निगम की अनूठी पर्यावरण पहल, दरगाह और पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के फूलों से बनेगी जैविक खाद नागपुर में डॉक्टर के बेटे की दरिंदगी: 16 वर्षीय छात्रा को 24 घंटे बंधक बना चाबुक और चाकू से दी खौफना... बांके बिहारी आने वाले श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति! ₹6,922 करोड़ की मथुरा हेरिटेज सिटी परियोज... दरगाह आला हजरत उर्स-ए-रजवी में मिसाल: सावन के सम्मान में नहीं बनेगी नॉनवेज बिरयानी, परोसा जाएगा शाका... कांवड़ यात्रा पर दारुल उलूम देवबंद की एडवाइजरी: छात्रों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य, कांवड़ रूट से दू... रांची में छात्र आंदोलन का सबसे बड़ा दिन: विधानसभा सत्र की शुरुआत के बीच क्या सरकार से होगी वार्ता?

पाकिस्तान सरकार के आरोपों का विदेश मंत्रालय ने खंडन किया

बलूचिस्तान की आतंकी घटनाओं में भारत शामिल नहीं

  • ध्यान भटकाने की यह काफी पुरानी चाल है

  • घटनाक्रम ने आंतरिक सुरक्षा की पोल खोली

  • बीएलओ ने अपना बयान जारी किया है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के बीच, भारत ने बलूचिस्तान में हुई हिंसा में नई दिल्ली की संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। रविवार, 1 फरवरी को विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में इन दावों को निराधार और मनगढ़ंत बताया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के ये आरोप उसकी अपनी आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने की एक पुरानी रणनीति हैं। भारत ने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को हर हिंसक घटना के बाद बेबुनियाद दावे करने के बजाय अपने क्षेत्र के लोगों की जायज मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। बयान में आगे कहा गया कि दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का पाकिस्तान का रिकॉर्ड पूरी दुनिया को पता है।

बौखलाहट में पाकिस्तान के आरोप यह विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने 31 जनवरी को बलूचिस्तान के 14 शहरों में 48 अलग-अलग स्थानों पर हुए श्रृंखलाबद्ध हमलों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया। पाकिस्तान अक्सर अपनी सुरक्षा खामियों को छिपाने के लिए भारत पर आरोप लगाता रहा है, जिसे वैश्विक मंच पर बार-बार नकारा गया है।

बलूचिस्तान में हुए इन भीषण हमलों की जिम्मेदारी प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली है। संगठन ने इसे ऑपरेशन हेरोफ 2.0 का नाम दिया है। बीएलए के दावों के अनुसार, क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग और तुर्बत सहित कई प्रमुख शहरों में पाकिस्तानी सेना और प्रशासनिक केंद्रों को निशाना बनाया गया।

संगठन ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के 84 कर्मियों को मार गिराया है और 18 को जीवित बंदी बना लिया है। बीएलए के मुताबिक, उन्होंने सेना के केंद्रीय मुख्यालयों सहित कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है और 30 से अधिक सरकारी संपत्तियों (बैंकों, जेलों और कार्यालयों) को नष्ट कर दिया है।

बलूच विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने शहरों में पाकिस्तानी सेना की आवाजाही को ठप कर दिया है और उनके लड़ाके कई रणनीतिक ठिकानों पर जमे हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा की पोल खोल दी है, जिससे ध्यान हटाने के लिए वह भारत के खिलाफ दुष्प्रचार का सहारा ले रहा है।