Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
तेलचट्टों से इतना भयभीत होने की वजह नहीं अपशिष्ट जल से फसलों की सिंचाई पूर्ण सुरक्षित नहीं है, देखें वीडियो Surya Chauhan Murder Case: गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या हत्याकांड के आरोपी के घर पर चला प्रशासन का ... Iran-Kuwait Conflict: सीजफायर के बीच ईरान का कुवैत पर बड़ा हमला; अमेरिकी बेस बने निशाने, जानें क्यों... Ghaziabad Murder Case: सूर्या चौहान हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा; मामूली बाइक विवाद नहीं, 'प्रेम प्... शनि ग्रह के वलय और घूमने का राज खुला इस देश को एक शिक्षित पीएम की जरूरतः केजरीवाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा राष्ट्रविरोधियों के साथ बात की अभिषेक वाली घटना के बाद एक और टीएमसी सांसद पर हमला अभिषेक बनर्जी मामले में पांच गिरफ्तार

नईदिल्ली में सरकार गठन के लिए विधायक बुलाये गये

मणिपुर में जमीन पर माहौल तनावपूर्ण होने के बाद भी राजनीति तेज

  • पहले से ही भाजपा पूर्ण बहुमत में है

  • इंफाल मे सेव मणिपुर की विशाल रैली

  • पांच सक्रिय उग्रवादियों की गिरफ्तारी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः मणिपुर में जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सत्ता के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्य में पिछले वर्ष 13 फरवरी को लगाए गए राष्ट्रपति शासन की अवधि 12 फरवरी 2026 को समाप्त होने वाली है। इसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मणिपुर के सभी एनडीए विधायकों को नई दिल्ली तलब किया है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, सोमवार को नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अधिकारिमायुम शारदा देवी के साथ एनडीए के विधायकों ने शिरकत की। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 37 विधायक हैं, जबकि सहयोगी दल एनपीपी (6) और एनपीएफ (5) के साथ-साथ तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी सरकार के पास है। वर्तमान में विधानसभा सस्पेंडेड एनिमेशन में है, जिसे पुनर्जीवित करने और नई सरकार के गठन पर चर्चा करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और नॉर्थ-ईस्ट प्रभारी संबित पात्रा सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

जमीनी स्तर पर शांति बहाली की मांग को लेकर कोकोमि के बैनर तले इंफाल में सेव मणिपुर रैली निकाली गई। टिडिम ग्राउंड से थाउ ग्राउंड तक आयोजित इस 5 किलोमीटर लंबी रैली में मैतेई, मैतेई पंगल, काबुई और गोरखा समुदायों के हजारों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से प्रॉक्सी वॉर की राजनीति खत्म करने और मानवाधिकारों की रक्षा करने की अपील की।

इसी दौरान, सुरक्षा बलों ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन के तहत इंफाल पश्चिम के लंगथाबल निंगोमबाम से 5 सक्रिय उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कांगपोकपी जिले में एक अलग कार्रवाई के दौरान केआरए के एक सार्जेंट मेजर को पिस्तौल और जिंदा कारतूसों के साथ पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि राज्य के संवेदनशील इलाकों में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी हैं।

विकास के मोर्चे पर, केंद्रीय बजट 2026 में पूर्वोत्तर के लिए एक बड़ी सौगात दी गई है। केंद्र सरकार ने मणिपुर सहित छह पूर्वोत्तर राज्यों (अरुणाचल, सिक्किम, असम, मिजोरम और त्रिपुरा) में ‘बौद्ध सर्किट’ विकसित करने की घोषणा की है। यह योजना थेरवाद और महायान परंपराओं के प्राचीन केंद्रों को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर लाएगी। इसके तहत तीर्थस्थलों पर इंटरप्रिटेशन सेंटर बनाने और दूर-दराज के मठों की कनेक्टिविटी सुधारने पर जोर दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।