ठंड के अंतिम चरण में लगातार गिर रहा है पारा
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चिल्लाई कलां का असर दिख गया है
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आये पर्यटकों के लिए मजे का मौसम
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कई इलाकों में पाइप लाइनें भी जम गयी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहाँ जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे गिर गया है, वहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में शीतलहर और कम दृश्यता ने जानलेवा स्थिति पैदा कर दी है।
कश्मीर में जमा देने वाली ठंड घाटी में बर्फबारी का दौर थमने के बाद अब चिल्लई कलां जैसी कठोर सर्दी का अहसास हो रहा है। गुरुवार की रात जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में तापमान जमाव बिंदु से नीचे रहा। सोनमर्ग राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान माइनस 11.2 डिग्री सी रिकॉर्ड किया गया। वहीं, विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में पारा माइनस 9 डिग्री तक लुढ़क गया और कुपवाड़ा में शून्य से साढ़े तीन डिग्री नीचे दर्ज हुआ। इस कड़ाके की ठंड के कारण क्षेत्र के कई जलस्रोत और पाइपलाइनों में पानी जमने की खबरें हैं।
कोहरे के कारण राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण हादसे मैदानी राज्यों में शुक्रवार की सुबह घने कोहरे की चादर छाई रही, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ग्वालियर के भिंड रोड हाईवे पर कोहरे के कारण दृश्यता शून्य के करीब थी। इस दौरान एक अनियंत्रित ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे कार में सवार दो महिलाओं और दो पुरुषों सहित सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
राजस्थान के भीलवाड़ा में नेशनल हाईवे 58 पर कोहरे के चलते कई गाड़ियों का आपस में टकराने की घटना हुई। पाँच से अधिक वाहनों की इस टक्कर में तीन लोगों की मृत्यु हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस हादसे के बाद हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसे हटाने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।