करोड़ों की ड्रग्स और हथियार बरामद
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राज्यों में हुई प्रमुख कार्रवाइयां
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अफीम की खेती को जलाया गया
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दावोस में हिमंता बिस्वा सरमा
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी: पूर्वोत्तर राज्यों—असम, मणिपुर और मिजोरम में सुरक्षा बलों ने पिछले 12 घंटों के भीतर नशीली दवाओं के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाते हुए लगभग 4.65 करोड़ रुपये की हेरोइन ज़ब्त की है। इस दौरान चार ड्रग पेडलर्स को भी गिरफ्तार किया गया है। मणिपुर के बिष्णुपुर और इंफाल पश्चिम जिलों से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से करीब 2.26 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद हुई। साथ ही, चुराचांदपुर जिले में एक बड़े ऑपरेशन के तहत 22 एकड़ में फैली अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया और तस्करी में सहायक बुनियादी ढांचे को जला दिया गया।
असम: कछार जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अभियान में 2 करोड़ रुपये मूल्य की 356 ग्राम हेरोइन के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा गया।
मिजोरम के चम्फाई जिले के ज़ोटे इलाके में असम राइफल्स ने एक स्कूटी सवार से 39 लाख रुपये की हेरोइन बरामद की। मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी और काकचिंग जिलों में एक संयुक्त काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन चलाया। इस दौरान उग्रवादियों के कैंप को निशाना बनाते हुए पांच राइफलें, पिस्तौल, गोला-बारूद और संचार उपकरण ज़ब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार, म्यांमार और बांग्लादेश के साथ मिजोरम और मणिपुर की बिना बाड़ वाली पहाड़ी सीमाएं तस्करी का मुख्य जरिया बनी हुई हैं। म्यांमार से हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसी ड्रग्स भारत में ऊंचे दामों पर बेची जा रही हैं, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार समर्पित हैं।
दावोस में विश्व आर्थिक मंच में हिस्सा ले रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की उभरती अर्थव्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने टाटा समूह के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन के साथ चर्चा की और बताया कि टाटा के सहयोग से असम में एक मज़बूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से असम को निवेश के एक आकर्षक गंतव्य के रूप में देखने की अपील की।