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शेयर बाजार में भीषण रक्तपात जैसे हालात बन गये

निवेशकों के 9 लाख करोड़ रुपये डूबे

  • विदेशी बिकवाली को प्रमुख कारण माना

  • एनएसई भी 25250 के नीचे फिसल गया

  • भारतीय बाजार के कमजोर होने का संकेत

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन बेहद निराशाजनक रहा, जहाँ चौतरफा बिकवाली के कारण दलाल स्ट्रीट पर कोहराम मच गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,000 अंकों से अधिक टूट गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 25,250 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इस जोरदार गिरावट के कारण महज एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में लगभग 9 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी आई है।

गिरावट के प्रमुख कारण बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और आगामी नीतिगत बदलावों की आशंका ने भी निवेशकों के बीच डर का माहौल पैदा किया, जिससे बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली देखने को मिली।

सेक्टरवार प्रदर्शन बाजार में आई इस सुनामी से कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहा। विशेष रूप से बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी। दिग्गज शेयरों के धराशायी होने से छोटे और मझोले शेयरों (मिडकैप और स्मॉलकैप) में भी घबराहट वाली बिकवाली शुरू हो गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) तेजी से घटा, जिसने निवेशकों के पोर्टफोलियो को बुरी तरह प्रभावित किया है।

निवेशकों की स्थिति बाजार के जानकारों का मानना है कि 25,250 के नीचे निफ्टी का बंद होना तकनीकी रूप से कमजोरी का संकेत है। यदि बाजार जल्द ही संभलने के संकेत नहीं देता है, तो आने वाले दिनों में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी नए निवेश से पहले बाजार की स्थिरता का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। इस भारी गिरावट ने एक बार फिर शेयर बाजार के जोखिमों को रेखांकित कर दिया है, जहाँ कुछ ही घंटों में लाखों करोड़ की संपत्ति स्वाहा हो गई।