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क्या बंगाल की खाड़ी में बन रहा है 2026 का पहला चक्रवात

तमिलनाडु में भारी बारिश का अलर्ट जारी

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः जनवरी के महीने में मौसम का एक दुर्लभ मिजाज देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक गहरा निम्न दबाव अब और अधिक शक्तिशाली होता जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने संभावना जताई है कि यह सिस्टम 2026 के पहले चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। यदि यह चक्रवात का रूप लेता है, तो इसे अर्नब नाम दिया जा सकता है, जो इस सीजन की सूची में अगला नाम है। वर्तमान में यह सिस्टम दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर केंद्रित है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस सिस्टम के प्रभाव से तमिलनाडु के तटीय जिलों में 9 से 11 जनवरी 2026 के बीच मूसलाधार बारिश हो सकती है। विशेष रूप से नागपट्टिनम, तिरुवारूर और कुड्डालोर जैसे जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ 20 सेमी तक बारिश होने का अनुमान है।

चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में भी शनिवार (10 जनवरी) और रविवार को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, कन्याकुमारी, थूथुकुडी और पंबन जैसे दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रह सकती है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

यह मौसमी घटना इसलिए भी खास है क्योंकि जनवरी के महीने में बंगाल की खाड़ी में इतने तीव्र सिस्टम का बनना बेहद दुर्लभ माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, 1891 के बाद से अब तक जनवरी में केवल 20 बार ही ऐसे शक्तिशाली सिस्टम बने हैं। आमतौर पर इस समय उत्तर-पूर्वी मानसून खत्म हो जाता है और मौसम शुष्क रहता है, लेकिन इस साल ला नीना के प्रभाव और जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जो चक्रवात के निर्माण में सहायक हो रहा है।

राहत की बात यह है कि मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जनवरी से बारिश की तीव्रता कम होने लगेगी और 13 जनवरी (पोंगल से एक दिन पहले) तक मौसम साफ हो सकता है। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। तमिलनाडु के साथ-साथ पड़ोसी राज्य केरल के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तर भारत जहाँ घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है, वहीं दक्षिण भारत में इस ‘बेवक्त की बरसात’ ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है।