नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को बड़ी राहत देते हुए LPG आपूर्ति पर लगाए गए सभी सेक्टर आधारित प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। पश्चिम एशिया संकट के दौरान जो सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी, उसे अब संकट-पूर्व के स्तर पर बहाल कर दिया गया है। इस कदम से होटल, रेस्तरां और छोटे-बड़े उद्योगों को अपने संचालन में बड़ी आसानी होगी।
🚚 बल्क LPG सप्लाई में आंशिक बहाली
सरकार ने बल्क LPG आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब बल्क उपभोक्ताओं के लिए सप्लाई को संकट से पहले की खपत के 50 फीसदी स्तर तक बहाल कर दिया गया है। इससे उन औद्योगिक इकाइयों को काफी फायदा होगा जो सीधे बल्क LPG पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल उत्पादन लागत कम होगी, बल्कि उद्योगों को एक स्थिर संचालन वातावरण भी मिलेगा।
📉 गैस उत्पादन में सुधार और औद्योगिक लाभ
देश में घरेलू LPG उत्पादन में हुई बढ़त को देखते हुए, सरकार ने C3 और C4 गैस स्ट्रीम्स को LPG पूल में भेजने की मात्रा को कम करने का निर्णय लिया है। अब इन गैसों का बड़ा हिस्सा अन्य औद्योगिक उपयोगों के लिए उपलब्ध होगा, जिससे उद्योगों को कच्चे माल के रूप में नई मजबूती मिलेगी।
🏠 घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा का भरोसा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन फैसलों से आम नागरिकों की रसोई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित है और देश में कुल स्वदेशी LPG उत्पादन को प्रतिदिन 40 हजार मीट्रिक टन (TMT) से कम न रखने का लक्ष्य तय किया गया है। यह फैसला ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और आपूर्ति संतुलन को बेहतर करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है।