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Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आरोपी नामजद

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि के गबन और अनियमितताओं को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अब सख्त कानूनी रुख अपना लिया है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि कोतवाली में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा समेत 8 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

📜 BNS की इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराएं शामिल हैं:

  • धारा 316(5): आपराधिक न्यासभंग (गबन) के लिए – आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल।

  • धारा 317(4): चोरी की संपत्ति को जानबूझकर रखने के लिए – आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की जेल।

  • धारा 317(5): चोरी की संपत्ति को छिपाने या ठिकाने लगाने में मदद – 3 वर्ष तक की जेल।

  • धारा 61: आपराधिक साजिश रचने के लिए।

  • धारा 3(5): सामूहिक उद्देश्य से अपराध करने में समान जिम्मेदारी।

🛡️ सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए बदले नियम

इस मामले के सामने आने के बाद ट्रस्ट ने दान राशि की गणना और जमा करने की प्रक्रिया को अभेद्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

  • काउंटिंग रूम में सख्त निगरानी: सीसीटीवी के माध्यम से निरंतर मॉनिटरिंग।

  • फ्रिस्किंग और वेशभूषा: कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कपड़ों की अनिवार्यता।

  • डबल लॉक सिस्टम: दान राशि के सुरक्षित भंडारण हेतु नई व्यवस्था।

  • डिजिटल रिकॉर्ड: सीसीटीवी फुटेज को 180 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य।

🕵️ जांच की दिशा

फिलहाल दर्ज एफआईआर में ट्रस्ट के किसी शीर्ष पदाधिकारी का नाम शामिल नहीं है; कार्रवाई मुख्य रूप से उन संदिग्ध कर्मचारियों पर केंद्रित है जिनकी भूमिका जांच में स्पष्ट हुई है। पुलिस और एसआईटी की टीम अब साक्ष्यों के आधार पर इस बड़ी साजिश के हर पहलू की गहराई से छानबीन कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।