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भविष्य में शायद घुटना प्रत्यारोपण का मसला भी टल जाएगा, देखें वीडियो

नई सर्जरी विधि से मरीजों को मिली राहत

  • जीएई पद्धति से काफी लाभ हुआ है

  • यह भी सर्जरी है लेकिन सुक्ष्म है

  •  मरीजों को इससे राहत मिली है

राष्ट्रीय खबर

रांचीः एक नई और कम आक्रामक चिकित्सा पद्धति घुटने के पुराने दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो बड़ी सर्जरी से बचना चाहते हैं। 74 वर्षीय सिंथिया श्ग्राफ-फ्लेचर इसका एक प्रमुख उदाहरण हैं। उनके दाएं घुटने पर जेनिकुलर आर्टरी एम्बोलिज़ेशन (जीएई) करने के करीब एक साल बाद, वे कहती हैं कि उन्हें जो आराम मिला है, वह उनके बाएं घुटने की टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी के बराबर है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. लेह कसादाबन से यह उपचार कराया था। अब वे बिना दर्द के बागवानी और साइकिलिंग जैसी गतिविधियां फिर से कर पा रही हैं।

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यह कैसे काम करता है? जीएई एक आउटपेशेंट प्रक्रिया है। इसमें घुटने के अंदर सूजन वाले क्षेत्रों में रक्त के प्रवाह को कम करके दर्द को शांत किया जाता है। डॉ. कसादाबन बताती हैं कि घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए अब तक या तो दवाएं और फिजियोथेरेपी थी या सीधे नी रिप्लेसमेंट सर्जरी। मरीजों के पास बीच का कोई विकल्प नहीं था, जो जीएई पूरा करता है। यह उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जिन्होंने अन्य उपचार आजमा लिए हैं लेकिन बड़ी सर्जरी के लिए तैयार नहीं हैं।

भविष्य में शायद घुटना प्रत्यारोपण का मसला भी टल जाएगाडॉ. कसादाबन के अनुसार, करीब 70 फीसद मरीजों में इसके बेहतरीन परिणाम देखने को मिले हैं, जहाँ दर्द में 50 फीसद से अधिक की कमी आई है। प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर पैर के पास एक छोटा सा कट लगाकर कैथेटर के जरिए सूक्ष्म बीड्स छोड़ते हैं, जो दर्द पैदा करने वाली असामान्य रक्त वाहिकाओं को ब्लॉक कर देते हैं। इसमें 1 से 2 घंटे का समय लगता है और मरीज उसी दिन घर जा सकता है।

जापान में एक दशक पहले विकसित हुई यह तकनीक अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो रही है। शोध बताते हैं कि इसका असर वर्षों तक रह सकता है। जापान के चार साल के आंकड़ों और अमेरिका के दो साल के डेटा से पता चलता है कि यह उपचार घुटने के अंदर होने वाली सूजन को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है। वर्तमान में, डॉ. कसादाबन इस तकनीक का उपयोग अन्य स्थितियों जैसे फ्रोजन शोल्डर और टेनिस एल्बो के उपचार में करने पर भी शोध कर रही हैं। यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान घुटने के दर्द के इलाज में एक नई क्रांति की ओर इशारा करती है।

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