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अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए भाजपा जरूरीः हिमंता

घुसपैठ, मतदाता सूची विवाद और सुरक्षा पर घमासान

  • पश्चिम बंगाल के संदर्भ में दिया बयान

  • मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही भाजपा

  • राज्य में कट्टरपंथी हरकतों पर भी चिंता

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने क्षेत्र की सुरक्षा और चुनावी अखंडता को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। 9 जनवरी को दिए एक बयान में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का होना अनिवार्य है।

सरमा के अनुसार, त्रिपुरा और असम में भाजपा शासन के कारण विकास और सीमा प्रबंधन मजबूत हुआ है, लेकिन पश्चिम बंगाल में समन्वय की कमी अवैध घुसपैठ के खिलाफ लड़ाई में एक कमजोर कड़ी साबित हो रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार होगी, तो इस समस्या का निर्णायक समाधान निकाला जा सकेगा।

दूसरी ओर, असम की राजनीति में मतदाता सूची को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस, रायजोर दल और सीपीआई (एम) सहित विपक्षी दलों ने भाजपा पर आगामी 2026 विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। विपक्ष का दावा है कि भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने एक ज़ूम बैठक के दौरान विधायकों को 60 निर्वाचन क्षेत्रों से लगभग 10,000 विपक्षी समर्थकों के नाम हटाने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में रायजोर दल के नेता अखिल गोगोई ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है और विपक्षी गठबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने इसे आधारहीन बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जब अभी तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित ही नहीं हुई है, तो वोट चोरी का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी पदाधिकारियों ने केवल बूथ स्तर के एजेंटों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि अपात्र नामों को हटाकर और पात्र लोगों को जोड़कर सूची को शुद्ध किया जाए, जो कि एक नियमित संवैधानिक प्रक्रिया है।

राजनीतिक विवादों के बीच, मुख्यमंत्री ने राज्य में कट्टरपंथी गतिविधियों के बढ़ने पर भी चिंता जताई है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की। सरमा ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले राज्य को अस्थिर करने के लिए एक बड़ी साजिश रची जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से बांग्लादेश से आने वाले संदिग्ध तत्वों की ओर इशारा किया और कहा कि शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के प्रयासों के प्रति सरकार सतर्क है।