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नोबल विजेता अमर्त्य सेन को भी नोटिस जारी

पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग की असली मंशा पर नया सवाल

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः भारत निर्वाचन आयोग ने हाल ही में उन राजनीतिक दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन को मतदाताअध  सूची के सत्यापन के लिए किसी प्रकार का नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा गया है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने एक सार्वजनिक रैली में आरोप लगाया कि आयोग द्वारा 92 वर्षीय विद्वान को परेशान किया जा रहा है। आयोग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि यह मामला किसी जांच या नोटिस का नहीं, बल्कि डेटा शुद्धि की एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। अमर्त्य सेन के नामांकन फॉर्म में नाम या पते की वर्तनी में कुछ विसंगतियां पाई गई थीं। चुनाव आयोग ने बूथ स्तर के अधिकारी को इन लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के निर्देश दिए हैं ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सटीक रहे।

आयोग ने अपने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाता है। नियमों के अनुसार, 85 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी नागरिक को किसी भी चुनावी कार्यालय या केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि किसी सत्यापन की आवश्यकता होती भी है, तो संबंधित अधिकारी स्वयं मतदाता के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करते हैं।

अमर्त्य सेन वर्तमान में अमेरिका में निवास कर रहे हैं, लेकिन वे पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर-शांतिनिकेतन विधानसभा क्षेत्र में एक पंजीकृत मतदाता के रूप में दर्ज हैं। चुनाव आयोग ने जोर देकर कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देना अनावश्यक है। यह केवल एक तार्किक विसंगति को ठीक करने का प्रयास है, जिसे नियमित रूप से लाखों मतदाताओं के लिए किया जाता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सेन को किसी भी केंद्र पर पेश होने का कोई आदेश नहीं दिया गया है और न ही उनके मतदाता होने के अधिकार पर कोई सवाल उठाया गया है।

निर्वाचन आयोग की इस सक्रिय प्रतिक्रिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी निष्पक्षता और नियमों के पालन के प्रति अडिग है। जहाँ राजनीतिक दल इसे एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं आयोग के स्पष्टीकरण ने यह साफ कर दिया कि यह प्रशासनिक सुधार की एक सामान्य प्रक्रिया है, न कि किसी विशिष्ट व्यक्ति को लक्षित करने का प्रयास।